मोहताज नही हूं इश्क का,
दिल मेरा फिर भी धड़कता है,
तसल्ली देती होगी धड़कने तुम्हारी,
तुम मेरे सुकून का कद क्या जानो....
मोहताज नही हूं इश्क का,
दिल मेरा फिर भी धड़कता है,
तसल्ली देती होगी धड़कने तुम्हारी,
तुम मेरे सुकून का कद क्या जानो....
बिछड़ के मुझसे, इन गलियों में कितनी दूर जाओगे...
परवानों की बस्ती है, जहां जाओगे मुझे हर जगह पाओगे...
गुज़रा पल, मीठी बातें और वो हसीन शामें सब बुलाते हैं तुम्हे...
इक झूठ ही सही बस कहदो के तुम कल आओगे,
इंतज़ार करना पसंद नहीं पर, मेरी नज़रें राहों पर टिकी हैं...
पता है मुझे रास्ता बदल गया तुम्हारा लेकिन, दिलासा दिए बैठा हूं के तुम कल आओगे...
मुझे इश्क में उलझा कर रख दिया
एक लड़की ने पागल बना कर रख दिया
कभी मिली नही ……ना मिलने की आस बाकी है
बस दुआ है ऊसके लिए…..अब ना प्यार बाकी है
हमको ख्वाबी दुनिया मै उलझा कर रख दिया
ना संभले किसे से वो आशिक बना कर रख दिया
एक लड़की ने पागल बना कर रख दिया…