मोहताज नही हूं इश्क का,
दिल मेरा फिर भी धड़कता है,
तसल्ली देती होगी धड़कने तुम्हारी,
तुम मेरे सुकून का कद क्या जानो....
Enjoy Every Movement of life!
मोहताज नही हूं इश्क का,
दिल मेरा फिर भी धड़कता है,
तसल्ली देती होगी धड़कने तुम्हारी,
तुम मेरे सुकून का कद क्या जानो....
ਗੁਜ਼ਾਰੀ ਸ਼ਾਹਾ ਵੀ ਕਿਤੀ ਤਾਂ ਵੀ ਓਹ ਮੰਨਿਆ ਨੀ
ਓਹਣੇ ਠਾਨ ਲਿਆ ਸੀ ਛੱਡਣ ਦੇ ਬਾਰੇ
ਤਾਹੀਂ ਦਰਦ ਸਾਡਾ ਓਹ ਸਮਝਿਆ ਨੀ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
मिलेगी परिंदों को मंजिल यकीनन
यह उनके फैले हुए पर बोलते है
अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं
जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं