मोहताज नही हूं इश्क का,
दिल मेरा फिर भी धड़कता है,
तसल्ली देती होगी धड़कने तुम्हारी,
तुम मेरे सुकून का कद क्या जानो....
Enjoy Every Movement of life!
मोहताज नही हूं इश्क का,
दिल मेरा फिर भी धड़कता है,
तसल्ली देती होगी धड़कने तुम्हारी,
तुम मेरे सुकून का कद क्या जानो....
तुम पूछते थे न किअगर यूँ होता तो क्या होतासुन ले- ऐ ग़ालिब,आज तू होता तो बहुत रोताबड़े महलों के सामनेइंसानी वजूद भी पड़ गया छोटाजहाँ वो अमीर प्लेट फेकतावहीं मैं गरीब भूखा सोता
Zikar se nhi
fikar se pata chalta hai ki aapna kaun hai…❣️
ज़िक्र से नहीं
फिक्र से पता चलता है कि अपना कौन है…❣️