मोहताज नही हूं इश्क का,
दिल मेरा फिर भी धड़कता है,
तसल्ली देती होगी धड़कने तुम्हारी,
तुम मेरे सुकून का कद क्या जानो....
Enjoy Every Movement of life!
मोहताज नही हूं इश्क का,
दिल मेरा फिर भी धड़कता है,
तसल्ली देती होगी धड़कने तुम्हारी,
तुम मेरे सुकून का कद क्या जानो....
बेवफा ने दिल को कई जख्म दिए, कभी मार दिया, कभी छोड़ दिया..
उसे मेरे दिल पे अपना नाम दिखा, फिर भी मुझसे मुँह मोड़ लिया..
मुकदमा हुआ उसपर तो, बेगुनाही निकली वो..
उसके पास अपना दिल था ही नहीं, उसने मेरा लिया या तोड़ दिया..
