मोहताज नही हूं इश्क का,
दिल मेरा फिर भी धड़कता है,
तसल्ली देती होगी धड़कने तुम्हारी,
तुम मेरे सुकून का कद क्या जानो....
Enjoy Every Movement of life!
मोहताज नही हूं इश्क का,
दिल मेरा फिर भी धड़कता है,
तसल्ली देती होगी धड़कने तुम्हारी,
तुम मेरे सुकून का कद क्या जानो....
[feed_adsense]
अंजाम समझती है आगाज नही समझती
ईशारे समझती है पूरी बात नही समझती
इक ऐसी लड़की पले पड़ी है यारो
मोहब्बत समझती है मुलाकात नही समझती
