A champion is not defined by their wins but by how they can recover when they fall✌
A champion is not defined by their wins but by how they can recover when they fall✌
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है
Fark na pya ohna nu
Te sade nain c ro gye😞..!!
Taangh ch jinna di raat langhayi
Befikre ho oh so gye😪..!!
ਫਰਕ ਨਾ ਪਿਆ ਕੁਝ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ
ਤੇ ਸਾਡੇ ਨੈਣ ਸੀ ਰੋ ਗਏ😞..!!
ਤਾਂਘ ‘ਚ ਜਿੰਨਾਂ ਦੀ ਰਾਤ ਲੰਘਾਈ
ਬੇਫਿਕਰੇ ਹੋ ਉਹ ਸੌਂ ਗਏ😪..!!