मुझे अफसोस नहीं की
मेरे पास सबकुछ होना चाहिए था,
मैं तब भी मुस्कुराता रहा
जब मुझे रोना चाहिए था...
Enjoy Every Movement of life!
मुझे अफसोस नहीं की
मेरे पास सबकुछ होना चाहिए था,
मैं तब भी मुस्कुराता रहा
जब मुझे रोना चाहिए था...
ਇਕ ਕਿਤਾਬ ਖੋਲੀ ਪੁਰਾਣੀ ਕੱਲ
ਵਿੱਚ ਯਾਦਾਂ ਪੁਰਾਣੀਆਂ ਮਹਿਕਾਂ ਖਿਲਾਰਣ
ਦਿਲ ਦਾ ਹਾਲ ਜੋ ਵਿੱਚ ਲਿਖਿਆ ਸੀ
ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੇ ਕਰੀਬ ਸੀ
ਮੈਨੂੰ ਯਾਦ ਆ
ਉਹ ਜਾਨ ਸੀ
ਪਰ ਜਾਣ ਕੇ ਵੀ ਅਨਜਾਣ ਸੀ
मैं मौत के हुजूम में पल रहा हूँ
छाव मे ही सही पर काँटों पर चल रहा हूँ
बस से बाहर जा रहा है हालातों का दौर
जीने की ख़्वाहिश लिए पल पल मर रहा हूँ ….
जिंदगी इतने सितम ढाह रही है
और मैं एक मूठी चीनी लिए समुंदर मे फिर रहा हूँ ।