मुझे अफसोस नहीं की
मेरे पास सबकुछ होना चाहिए था,
मैं तब भी मुस्कुराता रहा
जब मुझे रोना चाहिए था...
Enjoy Every Movement of life!
मुझे अफसोस नहीं की
मेरे पास सबकुछ होना चाहिए था,
मैं तब भी मुस्कुराता रहा
जब मुझे रोना चाहिए था...
समंदर सी उसकी आंखें थी, डूबा तो किनारा खो गया..
दिल मेरा जंगल का शेर सा था, लहरों में बेचारा रो गया..
शुक्र है वहां कश्ती मिली मुझे, कश्ती से सहारा हो गया..
बाहर आया जब उसकी आँखों से, उसके इश्क का मारा हो गया..
