मुझे अफसोस नहीं की
मेरे पास सबकुछ होना चाहिए था,
मैं तब भी मुस्कुराता रहा
जब मुझे रोना चाहिए था...
मुझे अफसोस नहीं की
मेरे पास सबकुछ होना चाहिए था,
मैं तब भी मुस्कुराता रहा
जब मुझे रोना चाहिए था...
थक गए हैं मंजिल को मंजिल करते करते,
रास्तों के सारे रास्ते भी बंद हैं...
आगे बढ़ाया है एक कदम डरते डरते,
कदमों से रास्ते भी तो तंग हैं...
मसलन आगे न रुक जाऊं चलते चलते,
सुना है रास्तों में बहुत तंज है...
चलो वापस घर चले सांस भरते भरते,
याद आया,
रास्तों के सारे रास्ते भी बंद है...
naal naal rahu tere parchhawe di tarah
chete aau tainu kise yaad di tarah
kade na tu bhul sake us khwaab di tarah
naal naal rahu tere parchhawe di tarah
ਨਾਲ ਨਾਲ ਰਹੂ ਤੇਰੇ ਪਰਛਾਵੇਂ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ
ਚੇਤੇ ਆਊ ਤੈਨੂੰ ਕਿਸੇ ਯਾਦ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ
ਕਦੇ ਨਾ ਤੂੰ ਭੁੱਲ ਸਕੇ ਉਸ ਖੁਆਬ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ
ਨਾਲ ਨਾਲ ਰਹੂ ਤੇਰੇ ਪਰਛਾਵੇਂ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ