Ji aankhe mujhe dekh kar jhuk gai
yakeenan usne kabhi chaha toh zaroor hoga
जो आँखें मुझे देख कर झुक गयी,
यकीनन उसने कभी मुझे चाहा तो ज़रूर होगा !!
Ji aankhe mujhe dekh kar jhuk gai
yakeenan usne kabhi chaha toh zaroor hoga
जो आँखें मुझे देख कर झुक गयी,
यकीनन उसने कभी मुझे चाहा तो ज़रूर होगा !!

तुझें कुछ भी न करना हैं,
मुझको दिवाना बनाने के लिए,
तेरी ये आंखों का काजल ही काफी है,
मेरी धड़कनों को बढ़ाने के लिए….
पाया तुझें तो सपने भी सच लगने लगे,
तुम अज़नबी से आज मेंरे अपने लगने लगे,
होता नहीं यकीन अपने खुद के किस्मत पर,
तुम मेरी धड़कन में कुछ इस तरह बसने लगे..