Kabhi hum sath hote the
To mulakat hoti thi❤
Aaj mulakate to hai
Par vo sath nhi hai..!!💔
कभी हम साथ होते थे
तो मुलाकात होती थी❤
आज मुलाकातें तो है
पर वो साथ नहीं है..!!💔
Kabhi hum sath hote the
To mulakat hoti thi❤
Aaj mulakate to hai
Par vo sath nhi hai..!!💔
कभी हम साथ होते थे
तो मुलाकात होती थी❤
आज मुलाकातें तो है
पर वो साथ नहीं है..!!💔
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी
तेरी आंखों में छिपे ख्वाब पूरे करने हैं,
तेरे दिल के जज़्बात पूरे करने हैं,
तेरे होठों की हसीं को यूं ही बरकरार रखना है,
तेरी ख्वाइशों को पलकों पर सजना है,
होने नहीं देनी आंखे तेरी नम,
तेरे कदमों को फलक तक ले जाना है ,
अभी तो तुझे बहुत चाहना है।।