

Ishq di laggi e Jo seene vich mere
Es agni ch ho Jana rakh mein..!!
Rul Jana e tere ishq diyan galliyan vich
Tere pairan ch ho Jana khak mein..!!
ਇਸ਼ਕ ਦੀ ਲੱਗੀ ਏ ਜੋ ਸੀਨੇ ਵਿੱਚ
ਇਸ ਅੱਗ ‘ਚ ਹੋ ਜਾਣਾ ਰਾਖ ਮੈਂ..!!
ਰੁਲ ਜਾਣਾ ਏ ਤੇਰੇ ਇਸ਼ਕ ਦੀਆਂ ਗਲੀਆਂ ਵਿੱਚ
ਤੇਰੇ ਪੈਰਾਂ ‘ਚ ਹੋ ਜਾਣਾ ਖ਼ਾਕ ਮੈਂ..!!
*क्षमा दान की शक्ति*
आखिर मैं एक इंसान हूँ,पर आप तो हो भगवान।
जो भी होता है नियति है,नहीं पता मुझे परिणाम।
मैंने जो अब तक कि गलती,जो आगे करने वाला हूँ।
हे प्रभु! आज अतिरिक्त में,मुझको दे दो क्षमा दान।
आपने जो भी है दिया सबको, उसमें रहना सन्तुष्ट सभी।
स्वार्थ और ईर्ष्यावश में,नहीं होना है पथभ्रष्ट कभी।
इंसान गलतियों का पुतला,हो सका कभी परिपूर्ण नहीं।
फिर मद में अन्धा होकर वो,भूल जाता ही है गलत सही।
पर आप दया के सागर हो,करुणा के हो भंडार प्रभु।
सब के मन से द्वेष को करके दूर, आप सब मे भर दो प्यार प्रभु!
सब जीव आपकी संताने,न करें कोई भी भेदभाव।
बन जाओ सब मन से उदार,करें क्षमा द्वेष का हो अभाव।
सच्चे मन से करे प्रायश्चित तो,प्रभु हर अपराध क्षमा कर जाते हैं।
आप सर्वशक्तिमान इसी कारण ही,सब के द्वारा कहलाते हैं।
सच में वो ही है शक्तिमान,जिसने है सब को माफ किया।
भूल के सारी बातों को ,हर किसी का है जो साथ दिया।