
Na ron nu hun jee karda e..!!
Na mar sakde haan marzi naal
Na jion nu jee karda e..!!

नींद बेचैनी से कटती रही
ख्वाब कोहरे मे छुपती रही
तेरी आवाज़ से मैं अनसुनी रही
तु मिला न कही मंज़िलों पे
मैं भटकती भटकती
तुझे ढूंढती रही
तेरा मेरा रिश्ता इन
काग़ज़ों पे खत्म हो गया
साथ तेरा मेरा युं सिमट सा गया
जैसे चार दिवारी में बंध सा गया
तेरी बातों को मैं याद करता
तेरी हँसी को मैं याद करता
हमारे उन्ही हसीन पलो को
हररोज सजाया करता
kal raat kalam fad me
ek tasveer bnaunda reha
fir kisse di yaad vich me
saari raat raunda reha
ਕੱਲ ਰਾਤ ਕਲਮ ਫੜ ਮੈਂ
ਇਕ ਤਸਵੀਰ ਬਣਾਉਂਦਾ ਰਿਹਾ
ਫਿਰ ਕਿਸੇ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿੱਚ ਮੈਂ
ਸਾਰੀ ਰਾਤ ਰੌਂਦਾ ਰਿਹਾ