Kise bewafai lai
na raho udas apni zindagi vich
oh khush hauna a tuhadi zindagi ujaadh k
apni zindagi vich
ਕਿਸੇ ਬੇਵਫਾ ਲਈ
ਨਾ ਰਹੋ ਉਦਾਸ ਅਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
ਓ ਖੁਸ਼ ਹੋਣਾ ਆ ਤੁਹਾਡੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਉਜਾੜ ਕੇ
ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
Kise bewafai lai
na raho udas apni zindagi vich
oh khush hauna a tuhadi zindagi ujaadh k
apni zindagi vich
ਕਿਸੇ ਬੇਵਫਾ ਲਈ
ਨਾ ਰਹੋ ਉਦਾਸ ਅਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
ਓ ਖੁਸ਼ ਹੋਣਾ ਆ ਤੁਹਾਡੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਉਜਾੜ ਕੇ
ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।
Jo kehnde c menu kade badli naa
Ajj khud badalde hoye nazar aa rhe ne..!!
ਜੋ ਕਹਿੰਦੇ ਸੀ ਮੈਨੂੰ ਕਦੇ ਬਦਲੀ ਨਾ
ਅੱਜ ਖੁੱਦ ਬਦਲਦੇ ਹੋਏ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਹੇ ਨੇ..!!