Kise bewafai lai
na raho udas apni zindagi vich
oh khush hauna a tuhadi zindagi ujaadh k
apni zindagi vich
ਕਿਸੇ ਬੇਵਫਾ ਲਈ
ਨਾ ਰਹੋ ਉਦਾਸ ਅਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
ਓ ਖੁਸ਼ ਹੋਣਾ ਆ ਤੁਹਾਡੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਉਜਾੜ ਕੇ
ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
Kise bewafai lai
na raho udas apni zindagi vich
oh khush hauna a tuhadi zindagi ujaadh k
apni zindagi vich
ਕਿਸੇ ਬੇਵਫਾ ਲਈ
ਨਾ ਰਹੋ ਉਦਾਸ ਅਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
ਓ ਖੁਸ਼ ਹੋਣਾ ਆ ਤੁਹਾਡੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਉਜਾੜ ਕੇ
ਆਪਣੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है
Waheguru ji says
SABAR when you have nothing
SHUKAR when you have everything 🙏