Nahi hai saboot ke begunaah hu me
logo ne baato baato me mujhe gunehgaar bna diya
नहीं है सबूत के बेगुनाह हूं मैं,
लोगो ने बातों बातों में मुझे गुनहगार बना दिया...
Nahi hai saboot ke begunaah hu me
logo ne baato baato me mujhe gunehgaar bna diya
नहीं है सबूत के बेगुनाह हूं मैं,
लोगो ने बातों बातों में मुझे गुनहगार बना दिया...
Dil te laggi satt nu oh ki samjhugi
jo akhiyaa vichli taang na samajh saki
ਦਿਲ ਤੇ ਲੱਗੀ ਸੱਟ ਨੂੰ ਉਹ ਕੀ ਸਮਝੂਗੀ
ਜੋ ਅੱਖੀਆਂ ਵਿਚਲੀ ਤਾਂਘ ਨਾ ਸਮਝ ਸਕੀ
हिम्मत भी है ताकत भी ओर हौसला भी
उनकी खुशी के लिए सब कुछ कर जाऊंगा
देखेगी दुनिया भी इस अंजान चेहरे को
जब बाहों में समेटकर में चांद लेकर आऊंगा
मेरी मां के चेहरे पर मुस्कुराहट होगी
और हाथो मेरे लिए में नूर होगा
हवाओं में भी खुशबू होगी और
पापा की नज़रों में गुरूर होगा
सुरूर होगा जब दुनिया अपनी सी लगेगी
जब दुनिया को मेरा भी शउर होगा
अपनी नज़रों में तालाब की आवाम भर लाऊंगा
हर शाम में लौट कर जब घर आऊंगा
हाथों में रोटी पकड़कर कहेगी, बेटा खा ले
मैं मुस्कुराकर दो निवाले उसे भी खिलाऊंगा
खैर, निकल पड़ा हूं अभी मंज़िल ढूंढने खुद ही
इंतेज़ार उस वक्त का है जब मै चांद समेट लाऊंगा...