
Roshni hoyi taan dikheya Nanak..!!
Mein suas suas ohnu yaad kra
Mere sahaan utte likheya nanak..!!

akhaa vich ohda chehra hai
khyaala ch v ohda gheraa hai
sajjna nu bhulje koi howe idaa di dawai
me karke yaad sajjna nu kafi samaa guaaeyaa hai
ਅਖਾਂ ਵਿਚ ਉਹਦਾ ਚੇਹਰਾ ਹੈ
ਖ਼ਯਾਲਾ ਚ ਵੀ ਉਹਦਾ ਘੇਰਾਂ ਹੈ
ਸਜਣਾ ਨੂੰ ਭੁੱਲਜੇ ਕੋਈ ਹੋਵੇ ਇਦਾਂ ਦੀ ਦਵਾਈ
ਮੈਂ ਕਰਕੇ ਯਾਦ ਸੱਜਣ ਨੂੰ ਕਾਫ਼ੀ ਸਮਾਂ ਗੂਆਏਆ ਹੈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
उसकी एक मुस्कुराहट, मेरे दिल की कई हसरतों को जिंदा करती है..
उसके रूप की स्याही मानो, कई रंग मेरे दिल में भरती है..
नजाकत से भरी नजरें जैसे, कह रही हों के मुझपे मरती हैं..
जवाब में मेरी नजरें भी उसे, हाँ में इशारा करती हैं..
कहते-कहते कई बातों को, जुबान कई बार ठहरती है..
मन ही मन काफ़ी कुछ कहकर, कुछ भी कहने से डरती है..