
Roshni hoyi taan dikheya Nanak..!!
Mein suas suas ohnu yaad kra
Mere sahaan utte likheya nanak..!!

बहुत सुकून मिलता है जब उनसे हमारी बात होती है,
वो हजारो रातों में वो एक रात होती है,
जब निगाहें उठा कर देखते हैं वो मेरी तरफ,
तब वो ही पल मेरे लीये पूरी कायनात होती है.
तू क्यूं उसे इस क़दर तांक रहा है,
हां वही फकीर, जो वहां नाच रहा है…
मुस्कुरा रहा है तू उसकी फटी कमीज़ देखकर,
देख, वो भी हंस रहा है तेरी तमीज़ देखकर…
सोच मत, के उसकी किस्मत तुझसे हारी है,
उसकी खाली जेब तेरे पैसों से ज्यादा भारी है…
वो तो हर घर दुआएं बांटता है,
जैसे हर दर खुदाए बांटता है…
मखमल का बिछौना तुझे रास नहीं आता,
देख, वो घास में सोने से बाज़ नहीं आता…
छुपाता है तू असलियत झूठी मुस्कान के पीछे,
कितना सुकून है उसकी हर मुस्कान के पीछे…