
Roshni hoyi taan dikheya Nanak..!!
Mein suas suas ohnu yaad kra
Mere sahaan utte likheya nanak..!!

यू जो हो जाता है सब पे ऐतवारे मोहब्बत…
ये इश्क है या हो गया है बाजारे मोहब्बत….
टुटे दिल की भी कीमत लगा रहे हैं लोग….
क्या खरीदेंगे ये कीरदारे मोहब्बत…
कई लोग आए और चले गए इस बाजार से
बचा ना कि आज तक जमीदारे मोहब्बत
जिसे मिली वो रख न सका, जिसे मिली वो रह न सका
बड़ी बेमन है ये इमंदारे मोहब्बत
दिन या रात गुज़रते ह तुम्हें ही सोच कर महविश
चक रहे ह अब हम भी ये बीमार ए मोहब्बत🥀
तू तोड़ दे वो कसम जो तूने खाई है,
कभी कभी याद करने में क्या बुराई है,
तुझे याद किये बिना रहा भी तो नही जाता,
तूने दिल में जगह जो ऐसी बनाई है।