नज़र भी तलाशे किसी डगर पर खड़ा, कोई हमसफ़र काश मुझे मिल जाए..
जिसके साथ शुरू मैं करलूँ आखिर, नया जिदगी का कोई सफर मिल जाए..
कहीं अटकूं जो गर किसी राह पर, हाथों से हाथ इस कदर मिल जाए..
हमें भी हमारी जिंदगी में कोई ऐसा, निगेबान हमकदर मिल जाए..
नज़र भी तलाशे किसी डगर पर खड़ा, कोई हमसफ़र काश मुझे मिल जाए..
जिसके साथ शुरू मैं करलूँ आखिर, नया जिदगी का कोई सफर मिल जाए..
कहीं अटकूं जो गर किसी राह पर, हाथों से हाथ इस कदर मिल जाए..
हमें भी हमारी जिंदगी में कोई ऐसा, निगेबान हमकदर मिल जाए..
मोहब्बत धूप में छाँव की तरह है
धूप जमाने की तरह
तुम छाँव में रुकना मत यही छाँव ठण्ड में तुम्हें सतायेगी
ठण्ड समझदार की तरह
ये ठण्ड तुम्हें धूप की ओर ले जाएगी
धूप तुम्हे अंधेरे में छोड़ जाएगी
अंधेरे दो तरह की है
पहले में मां बाप साथ है दूसरे में उनकी याद
इसीलिये तो मां बाप अंधेरो में जीना सिखाते है
ताकी जब दूसरा अंधेरा आए तो तुम कहो
अंधेरो आओ अब हम तुम्हें रास्ता दिखाते है
Koi raah labh jada, manzil paun lai
tan gal ajh hor hundi
tere pyar mil janda, saath nibhaun lai
tan gal ajh hor hundi
ਕੋਈ ਰਾਹ ਲੱਭ ਜਾਂਦਾ, ਮੰਜ਼ਿਲ ਪਾਉਣ ਲਈ
ਤਾਂ ਗੱਲ ਅੱਜ ਹੋਰ ਹੁੰਦੀ
ਤੇਰਾ ਪਿਆਰ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ, ਸਾਥ ਨਿਭਾਉਣ ਲਈ
ਤਾਂ ਗੱਲ ਅੱਜ ਹੋਰ ਹੁੰਦੀ