Jadon rooh ch hi vassi payi kise di takkni
Fer nazran ne nazar te ki nazar rakhni..!!
ਜਦੋਂ ਰੂਹ ‘ਚ ਹੀ ਵੱਸੀ ਪਈ ਕਿਸੇ ਦੀ ਤੱਕਣੀ
ਫੇਰ ਨਜ਼ਰਾਂ ਨੇ ਨਜ਼ਰ ‘ਤੇ ਕੀ ਨਜ਼ਰ ਰੱਖਣੀ..!!
Jadon rooh ch hi vassi payi kise di takkni
Fer nazran ne nazar te ki nazar rakhni..!!
ਜਦੋਂ ਰੂਹ ‘ਚ ਹੀ ਵੱਸੀ ਪਈ ਕਿਸੇ ਦੀ ਤੱਕਣੀ
ਫੇਰ ਨਜ਼ਰਾਂ ਨੇ ਨਜ਼ਰ ‘ਤੇ ਕੀ ਨਜ਼ਰ ਰੱਖਣੀ..!!
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी
