निंद मेरी ख्वाब तुम्हारा आये ये भी कोई बात है ,
तुम्हारे याद के बिना सो जाऊ वो भी कोई रात है ..
Nind meri khwab tumhare aaye ye bhi koi baat hai
Tumhare yaad ke Bina so jau vo bhi koi raat hai…
निंद मेरी ख्वाब तुम्हारा आये ये भी कोई बात है ,
तुम्हारे याद के बिना सो जाऊ वो भी कोई रात है ..
Nind meri khwab tumhare aaye ye bhi koi baat hai
Tumhare yaad ke Bina so jau vo bhi koi raat hai…
Tumhe dekhte hai to tumhe pane ka man karta hai
Door ho jate hai to mar jane ka man karta hai
Hum karte hai pyar tumhe na jane kyu
Zindgi ka har pal
tumhare naam kar jane ka man karta hai
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..