Skip to content

Nind meri khwab tumhare || Love shayari 2 lines

निंद मेरी ख्वाब तुम्हारा आये ये भी कोई बात है ,

तुम्हारे याद के बिना सो जाऊ वो भी कोई रात है ..

Nind meri khwab tumhare aaye ye bhi koi baat hai

Tumhare yaad ke Bina so jau vo bhi koi raat hai…

Title: Nind meri khwab tumhare || Love shayari 2 lines

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Umar guzar di bewafa ke || bewafa HIndi story

उम्र सारी गुजर दी बेवफा प्यार में , रातों की नीद कुर्बान कर दी बेवफा प्यार में , हमने की थी मोहब्बत उम्र भर के सुकून के लिए,हालत कुछ यू बदले मेरे अब लगता है क्यूं गुजर दी हमने उम्र बेवफा प्यार में , अब हाल ऐसा है मेरा दिल में दर्द , आखों में आशू हाथ में ग्लास शराब का, जब बढ़ जाता है दिल में आलम तनाहियो का हाथों में होती है ग्लास शराब की, महफिलों में जब उठती है बेफायी की बाते उन बातो में जिक्र तेरी बेवफाई का होता जरूर है , कहते है सब की बांदा तो था काम का कर दिया खराब इश्क ने , क्यू गुजर दी हमने उम्र बेवफा प्यार में ।
सबने रोका था की मत करना ये दोस्त तू मोहब्बत यह मिलती वफा के बदले बेवफाई हमने न मानी बात किसी की करली मोहब्बत तुझ सनम हरजाई से , क्यू गुजर दी हमने उम्र बेवफा प्यार में । गम के सिवा कुछ न मिला ये दोस्त तेरी मोहब्बत में , अब रही नही हिम्मत अब और गम सहने की कर रहे कुर्बा खुद को बेवफा प्यार में , जब जनाजा निकले गा तेरी गली से मेरे महबूब आखों में आशू तेरे होगा जरूर , क्यू कर दी बेवफाई सोचे गी जरूर, जब भी तू सोएगी किसी गैर की बाहों में क्यूं की बेवफाई सोचे गी जरूर , मेरे मरने के बाद सब की जुबा पे होगा मेरा नाम हर जगह चर्चा होगा तेरी बेवफाई का कैसे एक आशिक ने उम्र गुजर दी बेवफा प्यार में ।

Title: Umar guzar di bewafa ke || bewafa HIndi story


Jisam da yug || true lines

Ajjkal yug jisma da
Loka nu mohobbat de bare ki pta
Jado aawe suaad chakh piyala jisma da
Fer besuaad jehi ho gyi mohobbat bare ki pta
Ki pta kise de jazbaat de bare
Ki pta dil di umeed tuttan de bare
Jado pai gayi Howe aadat maikhaneya de dar di
Fer bande nu mandir maszid gurudware bare ki pta
-Guru Gaba

ਅੱਜ ਕੱਲ ਯੁੱਗ ਜਿਸਮਾਂ ਦਾ
ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਮਹੁੱਬਤ ਦੇ ਬਾਰੇ ਕੀ ਪਤਾ
ਜਦੋਂ ਆਵੇ ਸੁਆਦ ਚੱਖ ਪਿਆਲਾ ਜਿਸਮਾਂ ਦਾ
ਫੇਰ ਬੇਸੁਆਦ ਜਿਹੀ ਹੋ ਗਈ ਮਹੁੱਬਤ ਬਾਰੇ ਕੀ ਪਤਾ
ਕੀ ਪਤਾ ਕਿਸੇ ਦੇ ਜ਼ਜਬਾਤ ਦੇ ਬਾਰੇ
ਕੀ ਪਤਾ ਦਿਲ ਉਮੀਦ ਟੁੱਟਣ ਦੇ ਬਾਰੇ
ਜਦੋਂ ਪੈ ਗਈ ਹੋਵੇ ਆਦਤ ਮੈਖ਼ਾਨੇਆ ਦੇ ਦਰ ਦੀ
ਫੇਰ ਬੰਦੇ ਨੂੰ ਮੰਦਿਰ ਮਸਜਿਦ ਗੁਰਦੁਆਰੇ ਬਾਰੇ ਕੀ ਪਤਾ
-ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ

Title: Jisam da yug || true lines