निंद मेरी ख्वाब तुम्हारा आये ये भी कोई बात है ,
तुम्हारे याद के बिना सो जाऊ वो भी कोई रात है ..
Nind meri khwab tumhare aaye ye bhi koi baat hai
Tumhare yaad ke Bina so jau vo bhi koi raat hai…
निंद मेरी ख्वाब तुम्हारा आये ये भी कोई बात है ,
तुम्हारे याद के बिना सो जाऊ वो भी कोई रात है ..
Nind meri khwab tumhare aaye ye bhi koi baat hai
Tumhare yaad ke Bina so jau vo bhi koi raat hai…
अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है
दिया है हुस्न मौला ने दिखाना भी ज़रूरी है
इशारा तो करो कभी मुझको अपनी निगाहों से
अगर है इश्क़ मुझसे तो जताना भी ज़रूरी है
अगर कर ले सभी ये काम झगड़ा हो नहीं सकता
ख़ता कोई नजर आए छुपाना भी ज़रूरी है
अगर टूटे कभी रिश्ता तुम्हारी हरकतों से जब
पड़े क़दमों में जाकर फिर मनाना भी ज़रूरी है
कभी मज़लूम आ जाए तुम्हारे सामने तो फिर
उसे अब पेट भर कर के खिलाना भी ज़रूरी है
अगर रोता नजर आए कभी मस्जिद या मंदिर में
बड़े ही प्यार से उसको हँसाना भी ज़रूरी है
~ मुहम्मद आसिफ अली
ik sohna chehra chand vaag naal rehnda si
paun lai usnu, sadaa hanere vich me rehnda si
ਇੱਕ ਸੋਹਣਾ ਚੇਹਰਾ ਚੰਦ ਵਾਗ ਨਾਲ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ,
ਪਾਉਣ ਲਈ ਉਸਨੂੰ ਸਦਾ ਹਨੇਰੇ ਵਿੱਚ ਮੈ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ।
..ਕੁਲਵਿੰਦਰਔਲਖ