Everyday is a bank account, and time is our currency.
No one is rich, no one is poor, we’ve got 24 hours each
Everyday is a bank account, and time is our currency.
No one is rich, no one is poor, we’ve got 24 hours each
Mein nhi kahunga ke tu har dam mere sath khada rahe
Par jab gir jau kahi safar mein
To hath thaam le mera, bas itni guzarish karunga..
Mein nahi kahunga ke tu margdarshan bna rahe ta umar mera
Par jab karna pade chunav zindagi mein
To apni kadvi slah ka thoda sa Itr mujh par chidak dena..
To ho sakta hai kayi saal nikal jaye aur tujhse mulakat bhi na ho
Par jab awaz doon tujhe musibat k sme
Tu dhaal ban jaye mera, mein bas bhagwan se yahi ardaas har baar karunga❤️
मैं नहीं कहूँगा कि तू हर दम मेरे साथ खङा रहे।
पर जब गिर जाऊँ कही सफर में
तो हाथ थाम ले मेरा ,बस इतनी गुजारिश करूँगा।
मैं नहीं कहूँगा कि तू मार्गदर्शक बना रहे ताउम्र मेरा।
पर जब करना पङे चुनाव जिदंगी में
तो अपनी कङवी सलाह का थोङा सा इत्र मुझ पर छिङक देना।
हो सकता है कई साल निकल जाए और तुझसे मुलाकात भी ना हो।
पर जब आवाज़ दूँ तुझे मुसीबत के समय
तू ढाल बन जाए मेरा, मैं बस भगवान से यहीं अरदास हर बार करूँगा❤️
माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥