Enjoy Every Movement of life!
चकना-चूर हुआ मैं ,तूने ही तो आके समेटा था मुझे
सबके बीच डूब रहा था सिर्फ तूने ही तो देखा था मुझसे ,
यादों मे बसर होके जब खुद को मर रहा था
एक तू ही तो थी जिसने रोका था मुझे ।
हादसे का क्या भरोसा,
शायद अगले पल होगा,
फिर भी चल रही है धड़कने तो
दिल थाम लेना
शायद ज़िन्दगी में नए इश्तहार अभी बाकी है
सांसों को थमने का इंतजार करना होगा
किसी का वाजिब इंतजार अभी बाकी है
देहलीज़ पर दस्तक देकर
हम दिल हो जाऊ सबसे
बेशक,
मुझसे थोड़ी सांसे अब भी बाकी है...
