Aakhiyan Nu Hanjuan D Daat Den Wale,
Zindagi Nu Dukha D Sogaat Den Wale,
Socha Wich Har Pal Barbaad Krde,
Kaash Mere Jinna Oh V Mainu Yaad Krde
Aakhiyan Nu Hanjuan D Daat Den Wale,
Zindagi Nu Dukha D Sogaat Den Wale,
Socha Wich Har Pal Barbaad Krde,
Kaash Mere Jinna Oh V Mainu Yaad Krde
गजल (बे बहर)
जाने क्या हो गया है कैसी इम्तिहान की घड़ी है,
एक आशिक पे ये कैसी सजा आन पड़ी है!
आस भी क्या लगाएं अबकी होली पे हम उनसे,
दुनिया की ये खोखली रस्में तलवार लिए खड़ी है!
मैंने देखें हैं गेसुओं के हंसते रुखसार पे लाली
मगर हमारे चेहरे पे फिर आंसुओं की लड़ी है!
दर्द है, हिज्र है,और धुंधली सी तस्वीर का साया भी
तुम महलों में रहते हो तुमको हमारी क्यों पड़ी है !!
कैसे मुकर जाऊं मैं खुद से किए वादों से अभी,
अब मेरे हाथों में ज़िम्मेदारियों की हथकड़ी है!
तुमको को प्यार है दौलत ए जहां से अच्छा है,
मगर इस जहान में मेरे लिए मां सबसे बड़ी है !!
Aapke ishq ka ailaan bne baithe hain
Hum fakiri mein bhi sultaan bane bethe hain
Mein apni pehchaan btaun to btaun kaise
Jab ke hum khud teri pehchaan bane bethe hain ❤
आपके “इश्क़” का ऐलान बने बैठे हैं,
हम फ़क़ीरी में भी सुल्तान बने बैठे हैं,
मैं अपनी पहचान बताऊँ तो बताऊँ कैसे,
जबकि हम ख़ुद तेरी पहचान बने बैठे हैं।❤