
Tere kahe te chalna hi ehna da asool howe..!!
Rabb kare je tu dua kare maut meri di
Ohde dar te eh dua vi qubool howe..!!

उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं
un se kah do apanee khaas hiphaazat kiya kare,
beshak saanse unakee hai… par jaan to meree hai.…
उन से कह दो अपनी ख़ास हिफाज़त किया करे,
बेशक साँसे उनकी है… पर जान तो मेरी है.…