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Opportunity one line quote || Edison thought

Opportunity is missed by most people because it is dressed in overalls and looks like work.

–Thomas Edison

Title: Opportunity one line quote || Edison thought

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Zindagi ki ladaai || true story of life

कॉलेज तक हम पर ना पढ़ाई की जिम्मेदारी रहती है ,
और उसके बाद घर की जिम्मेदारी आ जाती है ।
अपने सपनो को रख कर एक तरफ ,
अपनो के सपनो को पूरा करने की जिम्मेदारी आती है ।

क्या करे कोई अगर लाखो की भीड़ में एक शख्स अच्छा लगे ,
तो उसे भी ठुकराना पड़ता है ।
प्यार व्यार सब अच्छा नही यही बताकर दिल को अपने मनाना पड़ता है ,
कभी पढ़ाई की तो कभी घर की जिम्मेदारी से दिल उदास भी हो तो 
सामने रह कर सबके चेहरे से तो मुस्कुराना पड़ता है ।

हर किसी को परेशानी अपनी खुद ही पता होती है ,
वरना दूसरो को खुश चेहरा ही दिखता है ।
खुद के अलावा किसी को क्या पता की कोन रोज यहां 
कितनी मुश्किलों में उलझता सा है ,

छोटा मोटा काम करके घर का खर्चा निकालना होता है ।
कभी कभी नौबत ऐसी आती है की दस या पंद्रह हजार में ,
महीना सारा संभालना पड़ता है । 
यहां से वहा से ले लेकर बच्चो की ख्वाईशे भी पूरी करनी पड़ती है ,
कोई साथ नही देता यार यहां जिंदगी की ये लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है ।

Title: Zindagi ki ladaai || true story of life


Bachpan Beet Gaya – Hindi Kavita on Life || zindagi Bachpan poetry

बचपन ब़ीत गया लडकपन मे,
ज़वानी बीत रहीं घर बनानें मे,
ज़ंगल सी हो गयी हैं जिन्दगी,
हर कोईं दौड रहा आन्धी के गुबार मे।
 
हर रोज़ नईं भोर होती,
पर नही ब़दलता जिन्दगी का ताना ब़ाना,
सब कर रहें है अपनीं मनमानी,
लेक़िन जी नही रहें अपनी जिन्दगानी।
 
कोईं पास बुलाये तो डर लग़ता हैं,
कैंसी हो गईं हैं यह दुनियां बेईंमानी,
सफ़र चल रहा हैं जिन्दा हू कि पता नही,
रोज लड रहा हू चन्द सासे ज़ीने के लिये।               

मिल नही रहा हैं कोई ठिकाना,
जहा दो पल सर टिक़ाऊ,
ऐसें सो जाऊ की सपनो में ख़ो जाऊ,
बचपन की गलियो में खो जाऊ।
 
वो बेंर मीठें तोड लाऊ,
सूख़ गया जो तालाब उसमे फ़िर से तैंर आऊ,
मां की लोरीं फिर से सुन आऊ,
भूल जाऊ जिन्दगी का यें ताना बाना।
 
देर सवेंर फ़िर से भोर हो गईं,
रातो की नीद फ़िर से उड गईं,
देख़ा था जो सपना वो छम सें चूर हो ग़या,
जिन्दगी का सफ़र फिर से शुरू हों गया।               

आंखो का पानी सूख़ गया,
चेहरें का नूर कही उड सा गया,
अब जिन्दगी से एक़ ही तमन्ना,
सो जाऊ फ़िर से उन सपनो की दुनियां मे।

Title: Bachpan Beet Gaya – Hindi Kavita on Life || zindagi Bachpan poetry