Enjoy Every Movement of life!
आ भर लूं तुझे आंखों के प्यालों में,
कहीं और जाने दूं तो कैसे...
कोशिशें तो करता हूं हरपल,
आंखो में नमी आने दूं तो कैसे...
वो दौर भी इश्क़ का आकर
गुज़र गया इक लम्हा हो जैसे...
सिमट जाऊंगा सुलगती चंद लकड़ियों में
पर तेरे कानों तक ये बात जाने दूं तो कैसे...
Ye fard-e-jurm hai mujh par
Ki usse pyar karta hu
Mai filhaal to is ilzaam se inkar karta hu✨
ये फर्द-ए-जुर्म है मुझ पर
कि उससे प्यार करता हूँ
मैं फिलहाल तो इस इल्ज़ाम से इनकार करता हूँ✨
