Koi chaara nai duaa ton bina
koi sunda nai khuda ton bina
zindagi nu kareeb ton dekhiyaa me
mushkilaan ch saath nai dinda koi
hanjuaan ton bina
ਕੋਈ ਚਾਰਾ ਨਈ ਦੂਆ ਤੋਂ ਬਿਨਾ
ਕੋਈ ਸੁਣਦਾ ਨਈ ਖੁਦਾ ਤੋਂ ਬਿਨਾ
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਨੂੰ ਕਰੀਬ ਤੋਂ ਦੇਖਿਆ ਮੈਂ
ਮੁਸ਼ਕਿਲਾਂ ‘ਚ ਸਾਥ ਨਈ ਦਿੰਦਾ ਕੋਈ
ਹੰਝੂਆਂ ਤੋਂ ਬਿਨਾ
किसी को रफ्ता-रफ्ता चाहा था , अब किश्तों में मरते हैं ।
कैसे कहें अपना हाल-ए-दिल , क्या बताएँ कि हम मोहब्बत करते हैं ।।
ईश्क की सौदेबाजी में , नीलाम हो गई चाहते मेरी ।
नफा-नुकसान के फासलों में , उम्मीद की गुंजाइश ढूँढा करते हैं ।।
ख्वाबों के शहर में , चाहत का एक ख्याल आया ।
कई जवाबों के बाद , संगीन एक सवाल आया ।।
रूखसत किया जिसे , जिसकी पसंद से हमने ।
वो जो शख्स था , मेरी कई इबादतों के बाद आया ।।❤️🍂