paise ke nashe mein jab aadamee choor hota hai,
use laalach ka har phaisala manjoor hota hai..
पैसे के नशे में जब आदमी चूर होता है,
उसे लालच का हर फैसला मंजूर होता है..
paise ke nashe mein jab aadamee choor hota hai,
use laalach ka har phaisala manjoor hota hai..
पैसे के नशे में जब आदमी चूर होता है,
उसे लालच का हर फैसला मंजूर होता है..
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना
Byan nahi hota ab haal-e-dil humse
Tum samjh jao khud se to khuda ki rehmat samjhein hum..!!
बयान नहीं होता अब हाल-ए-दिल हमसे
तुम समझ जाओ खुद से तो खुदा की रहमत समझें हम..!!