एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
Kinne chir ton nhi vekheya ohnu
Na hi hoyea hun kade kamli da zikar e
Pta nhi oh menu kade yaad kardi vi e
Ke $@ggi nu hi rehndi ohdi fikar e…
ਕਿੰਨੇ ਚਿਰ ਤੋ ਨਹੀਂ ਵੇਖਿਆ ਓਹਨੂੰ
ਨਾ ਹੀ ਹੋਇਆ ਹੁਣ ਕਦੇ ਕਮਲੀ ਦਾ ਜਿਕਰ ਏ
ਪਤਾ ਨੀ ਓ ਮੈਨੂੰ ਕਦੇ ਯਾਦ ਕਰਦੀ ਵੀ ਏ
ਕੇ $@ggi ਨੂੰ ਹੀ ਰਹਿੰਦੀ ਓਹਦੀ ਫਿਕਰ ਏ…
Kithe hai sultaan sikandar, maut na chhade peer paigambhar
Sabhe chhad gaye adhambar, koi aithe paidaar nahi
uth jaag ghuradhe maar nahi
ਕਿੱਥੇ ਹੈ ਸੁਲਤਾਨ ਸਿਕੰਦਰ, ਮੌਤ ਨਾ ਛੱਡੇ ਪੀਰ ਪੈਗੰਬਰ,
ਸੱਭੇ ਛੱਡ ਗਏ ਅਡੰਬਰ, ਕੋਈ ਏਥੇ ਪਾਇਦਾਰ ਨਹੀਂ,
ਉੱਠ ਜਾਗ ਘੁਰਾੜੇ ਮਾਰ ਨਹੀਂ