एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
The love of sisters needs no words. It does not depend on memories, or mementos, or proof. It runs as deep as a heartbeat. It is as ever-present as a pulse❤️
वो कहते हैं आगे चलके हमें भूल जाएंगे|
शायद कभी जिंदगी में मिल ही नहीं पाएंगे||
कैसे गुजारेंगे हम जिंदगी उनके बिना,
अगर वो बीच राह में हमें यू छोड़ जाएंगे||
सोचा नहीं उन्होंने हमारे बारे में एक दफा,
कि क्या होगा हमारा जब वे हमें भूल जाएंगे||
उन्होंने तो बड़ी आसानी से कह दी ये बात,
अब जरा उनसे कोई पूछो कि उनके बगैर हम कैसे रह पाएंगे||