एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
aajh suk gye ne khoo aakhiyaan de
bald(bull) v russe,
tindaan hun chalan kinjh
ni teriyaan yaadan de boote suk jaange
ehna nu main sainju kinjh
ਅੱਜ ਸੁੱਕ ਗਏ ਨੇ ਖੂਹ ਅੱਖੀਆਂ ਦੇ
ਬਲਦ ਵੀ ਰੁਸੇ
ਟਿੰਢਾਂ ਹੁਣ ਚੱਲਣ ਕਿੰਝ
ਨੀ ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਦੇ ਬੂਟੇ ਸੁੱਕ ਜਾਣਗੇ
ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਮੈਂ ਸੇਂਜ਼ੂ ਕਿੰਝ
मैं खिल नहीं सका कि मुझे नम नहीं मिला,
साक़ी मिरे मिज़ाज का मौसम नहीं मिला।🤎