एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
Wo ek Shaks mere Khwaab mein kya aane laga,
Har roz raat sone ka bas mujhe intezaar hone laga.
Use apni zindagi banane ki koshish mein lag gaye the hum,
Wo khwaab aisa toota ke use bhool jane ki dua mangne laga.
Deedar hua uss samay,
To Pyar hua uss samay,
Tumhare saath jeene ki koshish jo ki,
To Inqaar hua uss samay,
Aur
Tumhen paane ki koshish jo ki,
To Haar gaya uss samay💔
दीदार हुआ उस समय
तो प्यार हुआ उस समय
तुम्हारे साथ जीने की कोशिश जो की
तो इनकार हुआ उस समय
और
तुम्हे पाने की कोशिश जो की
तो हार गया उस समय💔