एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
Apno mein aa gyi aaj ankahi si doori hai,
Sabke sath rehna bhi ban gayi mazboori hai🙌
अपनो में आ गई आज अनकही सी दूरी है,
सबके साथ रहना भी बन गई मजबूरी है🙌
Yun hi nhi pahuche is mukaam par
Waqt ke sath logo ko badlate dekha hai 🙃
Mat puchiye humse khawahishon ki keemat
Khwaab dekhne ki umar me unhe toot te dekha hai 💔
यूं ही नही पहुंचे इस मुकाम पर
वक़्त के साथ लोगों को बदलते देखा है 🙃
मत पूछिए हमसे ख्वाहिशों की कीमत
ख्वाब देखने की उम्र में उन्हें टूटते देखा है 💔