एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
Je hunda mere vas ch
tere te me eh jag lutta denda
aur jo kavi karde ne apne yaar di tareefa
kalma ruk jandi kalma waleyaa di je me ehna nu tere baare suna dinda
ਜੇ ਹੁੰਦਾ ਮੇਰੇ ਵੱਸ ਚ
ਤੇਰੇ ਤੇ ਮੈਂ ਐਹ ਜਗ ਲੁਟਾ ਦੇਂਦਾ
ਔਰ ਜੋ ਕਵੀ ਕਰਦੇ ਨੇ ਆਪਣੇ ਯਾਰ ਦੀ ਤਾਰੀਫਾਂ
ਕਲਮਾਂ ਰੁਕ ਜਾਂਦੀ ਕਲਮਾਂ ਵਾਲਿਆਂ ਦੀ ਜੇ ਮੈਂ ਏਹਨਾਂ ਨੂੰ ਤੇਰੇ ਵਾਰੇ ਸੁਣਾਂ ਦੇਂਦਾ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Hasin thi wo raate jis raat ko tum aaye the.
Meri khwabon ki seher mein besumar khushiyan laye the.
Milna chahunga fir se unhi khwabon ki seher mein.
Jahan mohabbat ke rang humne saath milke sajaaye the.