एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
Hall kar kol aun de ehna duriyan ch
Jaan chali hi na jawe udeekan teriyan ch..!!
ਹੱਲ ਕਰ ਕੋਲ ਆਉਣ ਦੇ ਇਹਨਾਂ ਦੂਰੀਆਂ ‘ਚ
ਜਾਨ ਚਲੀ ਹੀ ਨਾ ਜਾਵੇ ਉਡੀਕਾਂ ਤੇਰੀਆਂ ‘ਚ..!!
Tenu sach dssa tere naal beintehaa ishq e
Par eh vi sach e ke methon kade keh nahio hona..!!
ਤੈਨੂੰ ਸੱਚ ਦੱਸਾਂ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਬੇਇੰਤੇਹਾ ਇਸ਼ਕ ਏ
ਪਰ ਇਹ ਵੀ ਸੱਚ ਏ ਕੇ ਮੈਥੋਂ ਕਦੇ ਕਹਿ ਨਹੀਂਓ ਹੋਣਾ..!!