एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
Enjoy Every Movement of life!
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
Na raat eh aa alag
na hawa hai ajh alag
alag hai ik shakhash mere ton ajh
mere pyar ne kita jihnu alag
ਨਾ ਰਾਤ ਇਹ ਆ ਅਲੱਗ
ਨਾ ਹਵਾ ਹੈ ਅੱਜ ਅਲੱਗ
ਅਲਗ ਹੈ ਇਕ ਸਖ਼ਸ਼ ਮੇਰੇ ਤੋਂ ਅੱਜ
ਮੇਰੇ ਪਿਆਰ ਨੇ ਕੀਤਾ ਜਿਹਨੂੰ ਅਲੱਗ
