एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?

hun sab khatam jeha lagda e
mea jeen da hun ji ni karda
ki kariye ishq de naa te v darr jeha lagda e
mera pyaar da naa lain nu v jee ni karda
ਹੁਣ ਸਭ ਖਤਮ ਜੇਹਾ ਲਗਦਾ ਐ
ਮੇਰਾ ਜੀਣ ਦਾ ਹੁਣ ਜੀ ਨੀ ਕਰਦਾ
ਕੀ ਕਰਿਏ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਨਾਂ ਤੇ ਵੀ ਡਰ ਜਿਹਾਂ ਲਗਦਾ ਐ
ਮੇਰਾ ਪਿਆਰ ਦਾ ਨਾ ਲੇਣ ਨੂੰ ਵੀ ਜੀ ਨੀ ਕਰਦਾ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷