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Patriotic Poems || hindi desh prem poems

देशभक्ति कविताएं

1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।

आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।

वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।

मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।

प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।

2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।

गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।

खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।

थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।

हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।

भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।

Title: Patriotic Poems || hindi desh prem poems

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Take risk in your life || English quotes

Take risk in your life…if you win, you can lead if you loose, you can guide 

Title: Take risk in your life || English quotes


Ek taraf kua ek taraf khaayi || Hindi shayari

Meri mehfilo ki chahat, mujhe itna door le aayi hai..
Ke mehfilein talash karne mein, apno se dooriyan badh aayi hain..
Ab na apne hain na mehfilein, bas mein aur meri tanhaai hai..
Ab jate huye vapis dar lagta hai, ek taraf kua aur ek tarf khaayi hai…

मेरी मैहफिलों की चाहत, मुझे इतना दूर ले आई है..
कि मैहफिलें तलाश करने में, अपनों से दूरियां बढ़ आई हैं..
अब ना अपने हैं ना मैहफिलें, बस मैं और मेरी तनहाई है..
अब जाते हुए वापस डर लगता है, एक तरफ कुआं और एक तराफ खाई है….

Title: Ek taraf kua ek taraf khaayi || Hindi shayari