Enjoy Every Movement of life!
उसकी जुल्फों से छाँव हुई, दिल धूप में बड़ा बेचैन सा था..
ठोकर लगी फिर भी नहीं हटी नजर, वो जादू उसके नैन का था..
उसके हुस्न में डूब के हम, कुछ इस कदर उसके हो गए..
आज सोचता हूं सिर पीट के मैं, जीवन कितना सुख-चैन सा था..
कुछ यादो को याद करने को संभाला हैं
तेरे खतों को जलाने को संभाला है
जहा हैं वही रह नजर न आ
हमने अपने दिल को बड़ी मुश्किल से संभाला है
