Pyar tw ohnu v c pr ohde te mera pyar ch bhot fark c,
Ohda pyar matlbi c te mera sacha c,
Pyar tw ohnu v c pr ohde te mera pyar ch bhot fark c,
Ohda pyar matlbi c te mera sacha c,
Me theek aa
mera haal na puchhi
raati tareyaa nal galla kyu
kardiyaa eh swaal na puchhi
tu mere jeen di vajhaa ae
hun ehdaa jawaab na puchhi
me theek aa
mera haal ni puchhi
ਮੈ ਠੀਕ ਆ
ਮੇਰਾ ਹਾਲ ਨਾ ਪੁੱਛੀ
ਰਾਤੀ ਤਾਰਿਆਂ ਨਾਲ਼ ਗੱਲਾਂ ਕਿਉਂ
ਕਰਦੀਆਂ ਇਹ ਸਵਾਲ ਨਾ ਪੁੱਛੀ
ਤੂੰ ਮੇਰੇ ਜੀਣ ਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਏ
ਹੁਣ ਇਹਦਾ ਜਵਾਬ ਨਾ ਪੁੱਛੀ
ਮੈ ਠੀਕ ਆ
ਮੇਰਾ ਹਾਲ ਨਾ ਪੁੱਛੀ.. Gumnaam ✍🏼✍🏼
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”