
Sukun bas tenu dekh mile
Rabb dise vich tere ve..!!

“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”
Bda yakeen c tere te,
Khair hneriya de aun te,
Parchawein vi sath shadd jande ne🙂
ਬੜਾ ਯਕੀਨ ਸੀ ਤੇਰੇ ਤੇ ,
ਖ਼ੈਰ ਹਨੇਰੀਆ ਦੇ ਆਉਣ ਤੇ ,
ਪਰਛਾਵੇਂ ਵੀ ਸਾਥ ਛੱਡ ਜਾਂਦੇ ਨੇ।🙂