Use chhod jaane ke liye ek bahana kaafi hai
wo har pal rahe paas mere dua jehi rabb se maangi hai
ਉਸੇ ਛੋਡ ਜਾਣੇ ਕੇ ਲਿਏ ਏਕ ਬਹਾਨਾ ਕਾਫ਼ੀ ਹੈ,
ਵੋ ਹਰ ਪਲ ਰਹੇ ਪਾਸ ਮੇਰੇ ਦੁਆ ਜਹੀ ਰੱਬ ਸੇ ਮਾਂਗੀ ਹੈ
Use chhod jaane ke liye ek bahana kaafi hai
wo har pal rahe paas mere dua jehi rabb se maangi hai
ਉਸੇ ਛੋਡ ਜਾਣੇ ਕੇ ਲਿਏ ਏਕ ਬਹਾਨਾ ਕਾਫ਼ੀ ਹੈ,
ਵੋ ਹਰ ਪਲ ਰਹੇ ਪਾਸ ਮੇਰੇ ਦੁਆ ਜਹੀ ਰੱਬ ਸੇ ਮਾਂਗੀ ਹੈ
👧 *बाँझपन एक कलंक क्यों ???*👧
एक औरत माँ बने तो जीवन सार्थक
अगर माँ न बने तो जीवन ही निरथर्क,
किसने कहा है ये, कहाँ लिखा है ये,
कलंकित बोल-बोल जीवन बनाते नरक।
बाँझ बोलकर हर कोई चिढ़ाते,
शगुन-अपशगुन की बात समझाते।
बंजर ज़मीं का नाम दिया है मुझे,
पीछे क्या, सामने ही मेरा मज़ाक़ उड़ाते।
ममत्व का पाठ मैं भी जानती,
हर बच्चे को अपना मानती,
कोख़ से जन्म दूँ, ज़रूरी नहीं,
लहू का रंग मैं भी पहचानती।
आँचल में मेरे है प्यार भरा,
ममता की मूरत हूँ देख ज़रा,
क़द्र जानूँ मैं बच्चों की,
नज़र से मुझे ज़माने न गिरा।
कलंक नहीं हूँ इतना ज़रा बता दूँ,
समाज को एक नया पाठ सीखा दूँ,
बच्चा न जन्म दे सकी तो क्या,
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।
सफर जारी है मंज़िल को पाने की।
जंग से लड़ना ही रीत है जहां की।।
बैठे रहने से कुछ भी नसीब नहीं ।
नसीब के भरोसे अकर्मण्यों ने ज़िन्दगी जियी।।
कर पूजन कर्म का तू।
मन में रख कर हौंसला । ।
हौंसला यदि हो बुलन्द।
तय होगा हर फासला।।
ज़िन्दगी समय से है , समय ही ज़िन्दगी ।
यूं न जाने दो समय को , नहीं मिलेगी कोई ख़ुशी।।
कर हर काम समय पर , ज़िन्दगी तुम्हे आसमान पर ला देगी ।
सफलता की सीढिया कदमों पर झुका देगी।।
लड़ो ज़िन्दगी की हर एक जंग से ।
न हारो वक़्त रूपी तुरंग से।।
पल पल अनमोल है ज़िन्दगी की ।
केवल परिश्रम हो तो मिलेगी हर ख़ुशी।।
मंज़िल को पाना आसान नहीं ।
पर मंज़िल को ही छोड़ देना हल नहीं । ।
पार कर राहों के कांटो को ।
बढ़ते रहो मंज़िल की ओर।।