Rahat de pal sakoon de baat,
Maa tere anchal toh bina nhi mili sanu koi zindgi de sogaat,
Rahat de pal sakoon de baat,
Maa tere anchal toh bina nhi mili sanu koi zindgi de sogaat,
इश्क की बाते न करो हमसे,
इश्क का भी हाल बेहाल हो गया है !!
किसी ज़माने में हुआ करता था इश्क खुदा,
आज वोही इश्क कमीना, निक्कमा और कमबख्त हो गया है !!
मृगजळाच्या जगात या कृष्ण सारथी तु
निर्जण वाळवटांतला पाण्याचा थेंब तु
मावळता सूर्य हा चंद्र प्रकाश तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तु
भटकल्या जीवनाचा विसावा तु
माझ्या प्रत्येक प्रश्नाचे उत्तर तू
या सुदामाचा कृष्णा तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तू
या तळपत्या उन्हातील सावली तु
पडता गारवा जिवनाची ऊब तु
जगण्यास या जगात माझा श्वास तु
सोडून गेले जग मजला तरी सोबती तु….
शब्द ~ पवन पाटील…