रख हौसला वो मंजर भी आएगा
प्यासे के पास चलकर समंदर भी आएगा
थक कर ना बैठ ए मंजिल के मुसाफिर
मंजिल भी मिलेगी मिलने का मजा भी आएगा
Enjoy Every Movement of life!
रख हौसला वो मंजर भी आएगा
प्यासे के पास चलकर समंदर भी आएगा
थक कर ना बैठ ए मंजिल के मुसाफिर
मंजिल भी मिलेगी मिलने का मजा भी आएगा
ki likhiyaa kise mukkadar c
hathan diyaan chaar lakiraan da
me dard nu kaba keh baitha
te rabb naam rakh baitha peedha da
ਕੀ ਲਿਖਿਆ ਕਿਸੇ ਮੁਕੱਦਰ ਸੀ
ਹੱਥਾਂ ਦੀਆਂ ਚਾਰ ਲਕੀਰਾਂ ਦਾ
ਮੈਂ ਦਰਦ ਨੂੰ ਕਾਬਾ ਕਹਿ ਬੈਠਾ
ਤੇ ਰੱਭ ਨਾਮ ਰੱਖ ਬੈਠਾਂ ਪੀੜਾਂ ਦਾ
बहक जाते हैं कदम यूँ तो राह में चलते चलते..
मगर समझ लो तुम ऐ दोस्त..💚
मंजिल हमसफ़र पर ही जाकर थमती है! !! !🧡