वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
कोई बुतखाने में तो कोई महखाने में सच्चे होते है….
लोग वो है जो जबान के पक्के होते है….
वो महीने भर से भूखी है, खुदा पाने के लिए,
हमारे लिए जिसके पांव के बिच्छु ही मक्के होते है….
मुक्कमल हो इश्क तो बिस्तर पर खत्म हो जाता है,
इसलिए इश्क, रास्ते और किस्से अधूरे ही अच्छे होते है….
हर्ष✍️
yaadan teriyaan di kaarrni vich, main ik din karr jaana
vekhi tu
ik din main bin baalan de hi sarr jaana
ਯਾਦਾਂ ਤੇਰੀਆਂ ਦੀ ਕਾਹੜਨੀ ਵਿਚ, ਮੈਂ ਇਕ ਦਿਨ ਕੜ੍ਹ ਜਾਣਾ
ਵੇਖੀ ਤੂੰ
ਇਕ ਦਿਨ ਮੈਂ ਬਿਨ ਬਾਲਣ ਦੇ ਹੀ ਸੜ ਜਾਣਾ