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rakh na ho..♥️ || DIl khak na ho

वो शमा की महफ़िल ही क्या,

जिसमे दिल खाक ना हो,

मज़ा तो तब है चाहत का,

जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️

Wo shama ki mahfil hi kya,

Jisme dil khak na ho,

Maja toh tab hain chahat ka,

Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️

Title: rakh na ho..♥️ || DIl khak na ho

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Zindgani || hindi shayari || true lines

Liye baitha hu kalam hathon mein, 
Sochkar ke likh du kahani apni ,
dikh jaate hai kore panne kitab ke,
yaad aa jaati hai zindagani apni.🙃🍂

लिए बैठा हूँ कलम हाथों में
सोचकर कि लिख दू कहानी अपनी
दिख जाते हैं कोरे पन्ने किताब के
याद आ जाती है ज़िंदगानी अपनी..🙃🍂

Title: Zindgani || hindi shayari || true lines


Akbar badshah ko mazaak || hindi akbar birbal kahani

अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-

“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”

सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।

बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,

“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”

उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”

सेठों के मुखिया ने कहा-

“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”

बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।

Title: Akbar badshah ko mazaak || hindi akbar birbal kahani