वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
kidar nu chale jawe, nahi pata lagda samundar de neer da
kehdhe modh te aa ke, badal jawe, kithe pata lagda e taqdeer da
ਕਿਧਰ ਨੂੰ ਚਲੇ ਜਾਵੇ,ਨਹੀ ਪਤਾ ਲੱਗਦਾ ਸਮੁੰਦਰ ਦੇ ਨੀਰ ਦਾ..
ਕਿਹੜੇ ਮੋੜ ਤੇ ਆ ਕੇ ਬਦਲ ਜਾਵੇ,ਕਿੱਥੇ ਪਤਾ ਲੱਗਦਾ ਏ ਤਕਦੀਰ ਦਾ..
Dil masoom jeha dil rat raunda aa
sirf te sirf tainu chahunda aa
ਦਿਲ ਮਾਸੂਮ ਜਿਹਾ ਦਿਨ ਰਾਤ ਰੋਂਦਾ ਆ
ਸਿਰਫ ਤੇ ਸਿਰਫ ਤੈਨੂੰ ਚਾਹੁੰਦਾ ਆ