वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
kaash tere to kade milaundi naa eh taqdeer
pyaar ghut jehr da hai gaaba
kaahde ne sant te fakir
peyaa jo es raah te rehnda na kujh kol
ja lutt gyaa yaa fir tutt gya aashq suneyaa me aakhir
ਕਾਸ਼ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਕਦੇ ਮਿਲੋਂਦੀ ਨਾ ਏਹ ਤਕ਼ਦੀਰ
ਪਿਆਰ ਘੁੱਟ ਜੇਹਰ ਦਾ ਹੈ ਗਾਬਾ
ਕੇਹਂਦੇ ਨੇ ਸੰਤ ਤੇ ਫ਼ਕੀਰ
ਪੈ ਆ ਜੋ ਇਸ ਰਾਹ ਤੇ ਰਹਿੰਦਾ ਨਾ ਕੁਝ ਕੋਲ
ਜਾਂ ਲੁਟ ਗਿਆ ਯਾ ਫਿਰ ਟੁੱਟ ਗਿਆ ਆਸ਼ਕ ਸੁਣਿਆ ਮੈਂ ਅਖਿਰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
तुम उचटती-सी एक नज़र डालो
जाम ख़ाली इसको भर डालो
दोस्ती का यही तक़ाज़ा है
अपना इल्ज़ाम मेरे सर डालो
फ़ैसला बाद में भी कर लेना
पहले हालात पर नज़र डालो
ज़िंदगी जब बहुत उदास लगे
कोई छोटा गुनाह कर डालो
मैं फ़क़ीरी में भी सिकंदर हूँ
मुझपे दौलत का मत असर डालो💯