वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
हमारा तिरंगा
देश का प्रतीक है यह,
हर हिंदुस्तानी के नज़दीक है यह।
हर डर भुला देता है,
एक जोश जगा देता है।
सूरज सा ‘नारंगी’ तेज है इसमें,
शांति का ‘सफेद’ संदेश है इसमें।
इसमे खुशिओं की ‘हरियाली’ है,
यह चक्रवर्ती ‘चक्रधारी’ है।
वो फसलों सा लहराता है,
वो हर ऊंचाई से ऊपर जाता है।
एक बच्चे सा भोला है यह,
वक़्त पड़ने पर दहकता शोला है यह।
मित्रों का मीत है यह,
हर बुराई पर जीत है यह।
जीने का अंदाज़ है यह,
अपनी माटी का एहसास है यह।
इसकी अलग ही शान है,
यह हमारा तिरंगा महान है।।
kade iko painda c, ajh raah ho gaye ne vakh
tu bhul gya sajna
me teriyaan yaadan vich ho gya kakh
ਕਦੇ ਇਕੋ ਪੈਂਡਾ ਸੀ, ਅੱਜ ਰਾਹ ਹੋ ਗਏ ਨੇ ਵੱਖ
ਤੂੰ ਭੁੱਲ ਗਿਆ ਸੱਜਣਾ
ਤੇ ਮੈਂ ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਵਿੱਚ ਹੋ ਗਿਆ ਕੱਖ