वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
जिंदगी खुशी देती है और हम को उसी खुशीओ में कब आखों से आसू निकल जाता है उसका पता तक नहीं चलता 💯
Jinhe hum kabil-e-aitbaar samjhte the
Vo hi daga kar gaye
Hairani to is baat ki hai ke jinhe hum zindagi mein bhi shamil nahi karte the
Vo kambakhat unhi se wafa kar gaye💔
जिन्हे हम काबिल-ए-एतबार समझते थे
वो ही दगा कर गए
हैरानी तो इस बात की है कि जिन्हें हम ज़िन्दगी में भी शामिल नहीं करते थे,
वो कमबख्त उन्हीं से वफ़ा कर गए💔