वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
हालातों से टकराकर हमने, खुद को मजबूत बनाया है..
तभी तो हर दर्द से लड़ने का, हुनर हम में आया है..
पहले डरा करते थे दर्द से हम, अब दर्द को हमने डराया है..
पहले रहता था, ताव में वो, अब जाकर घुटनों पे आया है..
अब नहीं सताता वो हमको, हमने खुदको इतना सताया है..
हम पत्थर बनकर बैठे गए, पत्थरों से कौन लड पाया है….
jad tu kol c tan jive ek jannat c
mere chehre te koi mehkdi rangat c
jad maithon door jande tere kadma di unnat c
udon tutti koi adhoori meri o mannat c
ਜਦ ਤੂੰ ਕੋਲ ਸੀ ਤਾਂ ਜਿਵੇਂ ਇਕ ਜੰਨਤ ਸੀ
ਮੇਰੇ ਚਿਹਰੇ ਤੇ ਕੋਈ ਮਹਕਦੀ ਰੰਗਤ ਸੀ
ਜਦ ਮੈਥੋਂ ਦੂਰ ਜਾਂਦੇ ਤੇਰੇ ਕਦਮਾਂ ਦੇ ਉਨਤ ਸੀ
ਓਦੋਂ ਟੁਟੀ ਕੋਈ ਮੇਰੀ ਅਧੂਰੀ ਮੰਨਤ ਸੀ