Bulleh shah rang fikke ho gaye tere bajhon sare,,
Tu Tu karke jit gye c, mein mein karke haare..!!
ਬੁੱਲ੍ਹੇ ਸ਼ਾਹ ਰੰਗ ਫਿੱਕੇ ਹੋ ਗਏ ਤੇਰੇ ਬਾਝੋਂ ਸਾਰੇ ,,
ਤੂੰ – ਤੂੰ ਕਰਕੇ ਜਿੱਤ ਗਏ ਸੀ, ਮੈਂ – ਮੈਂ ਕਰਕੇ ਹਾਰੇ ..!!
Bulleh shah rang fikke ho gaye tere bajhon sare,,
Tu Tu karke jit gye c, mein mein karke haare..!!
ਬੁੱਲ੍ਹੇ ਸ਼ਾਹ ਰੰਗ ਫਿੱਕੇ ਹੋ ਗਏ ਤੇਰੇ ਬਾਝੋਂ ਸਾਰੇ ,,
ਤੂੰ – ਤੂੰ ਕਰਕੇ ਜਿੱਤ ਗਏ ਸੀ, ਮੈਂ – ਮੈਂ ਕਰਕੇ ਹਾਰੇ ..!!
हम आए थे इस रोज
जब तेरा निकाह था
तूने देखा नही शायद
में वही खड़ा था
पूछता तुझसे से मगर तू तो खुश थी
और वो आखरी दिन था जब मैं हसा था
गुज़र रहे हैं जिंदगी के पल कभी खुशी में तो कभी ग़मी में ।
होती हैं खुशियां कभी सातवें आसमा पर ओर कभी ज़मी पे।
Guzr rahe hain zindagi ke pall kabhi khushi me to kabhi gami me…..
hoti hain Khushyan kabhi saatwe aasma pr or kabhi zamee pe….