Bulleh shah rang fikke ho gaye tere bajhon sare,,
Tu Tu karke jit gye c, mein mein karke haare..!!
ਬੁੱਲ੍ਹੇ ਸ਼ਾਹ ਰੰਗ ਫਿੱਕੇ ਹੋ ਗਏ ਤੇਰੇ ਬਾਝੋਂ ਸਾਰੇ ,,
ਤੂੰ – ਤੂੰ ਕਰਕੇ ਜਿੱਤ ਗਏ ਸੀ, ਮੈਂ – ਮੈਂ ਕਰਕੇ ਹਾਰੇ ..!!
Bulleh shah rang fikke ho gaye tere bajhon sare,,
Tu Tu karke jit gye c, mein mein karke haare..!!
ਬੁੱਲ੍ਹੇ ਸ਼ਾਹ ਰੰਗ ਫਿੱਕੇ ਹੋ ਗਏ ਤੇਰੇ ਬਾਝੋਂ ਸਾਰੇ ,,
ਤੂੰ – ਤੂੰ ਕਰਕੇ ਜਿੱਤ ਗਏ ਸੀ, ਮੈਂ – ਮੈਂ ਕਰਕੇ ਹਾਰੇ ..!!
तख्त ओ ताज ने तुम्हे गुनहगार किया
आओ मेरे पास दिल के खयाल रख दो,
हश्र बुरा है तुम्हारी रगो के धागों का,
लाओ यहां बेगुनाही का मंजर रख दो...
किसी का पता लेकर निकले हो शायद,
छोड़ो उसकी शक्ल उसे यहां रख दो,
लोग कहते हैं बहुत उम्दा क़ातिल हो तुम
लाओ यहां वो झूठा खंजर भी रख दो...
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।