Jo beet gai
O dohroi na
Kisa da majk
Oudai na
Jo tera nal hoi
Hor nal kar jai na
Dukh da badla dukh
A reet chlai na ❤️
Manisha Mann✍️
Jo beet gai
O dohroi na
Kisa da majk
Oudai na
Jo tera nal hoi
Hor nal kar jai na
Dukh da badla dukh
A reet chlai na ❤️
Manisha Mann✍️
कॉलेज तक हम पर ना पढ़ाई की जिम्मेदारी रहती है , और उसके बाद घर की जिम्मेदारी आ जाती है । अपने सपनो को रख कर एक तरफ , अपनो के सपनो को पूरा करने की जिम्मेदारी आती है । क्या करे कोई अगर लाखो की भीड़ में एक शख्स अच्छा लगे , तो उसे भी ठुकराना पड़ता है । प्यार व्यार सब अच्छा नही यही बताकर दिल को अपने मनाना पड़ता है , कभी पढ़ाई की तो कभी घर की जिम्मेदारी से दिल उदास भी हो तो सामने रह कर सबके चेहरे से तो मुस्कुराना पड़ता है । हर किसी को परेशानी अपनी खुद ही पता होती है , वरना दूसरो को खुश चेहरा ही दिखता है । खुद के अलावा किसी को क्या पता की कोन रोज यहां कितनी मुश्किलों में उलझता सा है , छोटा मोटा काम करके घर का खर्चा निकालना होता है । कभी कभी नौबत ऐसी आती है की दस या पंद्रह हजार में , महीना सारा संभालना पड़ता है । यहां से वहा से ले लेकर बच्चो की ख्वाईशे भी पूरी करनी पड़ती है , कोई साथ नही देता यार यहां जिंदगी की ये लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है ।
Dila diyan imartan ch kite vi bandgi nhi…
Pathra diya imartaa ch khuda labhde ne lok…🥺💔
ਦਿਲਾਂ ਦੀਆਂ ਇਮਾਰਤਾਂ ਚ ਕਿਤੇ ਵੀ ਬੰਦਗੀ ਨਹੀਂ…..
ਪੱਥਰਾਂ ਦੀਆਂ ਇਮਾਰਤਾਂ ਚ ਖੁਦਾ ਲੱਭਦੇ ਨੇ ਲੋਕ….🥺💔