kujh ku aapne
rishteaa diyaa gehraayiaa maapde aa
saabi bhes badal badal ke
ਕੁਝ ਕੁ ਅਾਪਣੇ ..
ਰਿਸ਼ਤਿਅਾ ਦੀਅਾ ਗਹਿਰਾਈਅਾ ਮਾਪ ਦੇ ਅਾ ..
“ਸਾਬੀ” ਭੇਸ ਬਦਲ ਬਦਲ ਕੇ ..
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kujh ku aapne
rishteaa diyaa gehraayiaa maapde aa
saabi bhes badal badal ke
ਕੁਝ ਕੁ ਅਾਪਣੇ ..
ਰਿਸ਼ਤਿਅਾ ਦੀਅਾ ਗਹਿਰਾਈਅਾ ਮਾਪ ਦੇ ਅਾ ..
“ਸਾਬੀ” ਭੇਸ ਬਦਲ ਬਦਲ ਕੇ ..
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प्रकृति की बातें सुनाए जाएं, उसकी गाथा कहानी सुनाए जाएं। उठते सूरज की लाली देखो, प्राकृतिक सौंदर्य में खो जाएं।
वृक्षों की छाया को चढ़कर, धरती के गुणगान कर दें। जल की लहरों के रंगों को, रसियों की आवाज़ बना दें।
बारिश की बूँदों का मेल मिलाप, आकर्षण भरी मधुर ध्वनि। हरा-भरा वन आपको बुलाए, अपार प्राकृतिक खजानी।
पर्वतों की ऊँचाइयों से, नदी की धार करे बहती। महकती हवाओं की लहरों में, खुद को आप गंभीर करें।
प्रकृति की रचनाओं को देखो, सुंदरता में जीवन का रंग है। आओ इसे समझें, इसे प्यार करें, प्रेम से हमेशा संग रहें, संग हैं।
दोस्ती
प्यार का मीठा दरिया है
पुकारता है हमें
आओ, मुझमें नहाओ
डूबकी लगाओ
प्यार का सौंधा पानी
हाथों में भर कर ले जाओ
आओ
जी भर कर गोता लगाओ
मौज-मस्ती की शंख-सीपियाँ
जेबों में भर कर ले जाओ
दोस्ती का दरिया
गहरा है, फैला है
इसमें नहीं तैरती
धोखे की छोटी नौका
कोशिश की तो
बचने का नहीं मिलेगा मौका