kujh ku aapne
rishteaa diyaa gehraayiaa maapde aa
saabi bhes badal badal ke
ਕੁਝ ਕੁ ਅਾਪਣੇ ..
ਰਿਸ਼ਤਿਅਾ ਦੀਅਾ ਗਹਿਰਾਈਅਾ ਮਾਪ ਦੇ ਅਾ ..
“ਸਾਬੀ” ਭੇਸ ਬਦਲ ਬਦਲ ਕੇ ..
.
kujh ku aapne
rishteaa diyaa gehraayiaa maapde aa
saabi bhes badal badal ke
ਕੁਝ ਕੁ ਅਾਪਣੇ ..
ਰਿਸ਼ਤਿਅਾ ਦੀਅਾ ਗਹਿਰਾਈਅਾ ਮਾਪ ਦੇ ਅਾ ..
“ਸਾਬੀ” ਭੇਸ ਬਦਲ ਬਦਲ ਕੇ ..
.
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,
मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…
Kuch log itne ache hote hain
ke dar laga rehta hai
Agar chhor kar chale gaye toh
hamara kya hoga