बिना मेकअप के ही लगती वो क़ुदरत की शान,
सादगी में बसी है उसकी पूरी पहचान।
उसकी मासूमियत में है कुछ खास,
निगाहों से बयां होती है दिल की हर बात।
Enjoy Every Movement of life!
बिना मेकअप के ही लगती वो क़ुदरत की शान,
सादगी में बसी है उसकी पूरी पहचान।
उसकी मासूमियत में है कुछ खास,
निगाहों से बयां होती है दिल की हर बात।
Tumhare saath bitaye pal kabhi bhul nahi paunga,
Jindgi ke raho per chalna bhi tumne sikhaya,
kya pata konse mod pe aa khada hu,
par tumhare liye kabhi me khud ko rok na paya.
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं