बिना मेकअप के ही लगती वो क़ुदरत की शान,
सादगी में बसी है उसकी पूरी पहचान।
उसकी मासूमियत में है कुछ खास,
निगाहों से बयां होती है दिल की हर बात।
Enjoy Every Movement of life!
बिना मेकअप के ही लगती वो क़ुदरत की शान,
सादगी में बसी है उसकी पूरी पहचान।
उसकी मासूमियत में है कुछ खास,
निगाहों से बयां होती है दिल की हर बात।
Sanson ke rukne ki kya zaroorat thi “roop”
Maarne ki liye to unki ek nazar hi kaafi thi..!!
सांसों के रुकने की क्या ज़रूरत थी “रूप”
मारने के लिए तो उनकी एक नज़र ही काफी थी..!!
