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saadhe wal mukhda modh || Bulleh shah shayari 2 lines

Aape laayiyaa kundiyaan tai, te aape khichda hai dor
saadhe wal mukhda modh

ਆਪੇ ਲਾਈਆਂ ਕੁੰਡੀਆਂ ਤੈਂ, ਤੇ ਆਪੇ ਖਿੱਚਦਾ ਹੈਂ ਡੋਰ
ਸਾਡੇ ਵੱਲ ਮੁੱਖੜਾ ਮੋੜ

Title: saadhe wal mukhda modh || Bulleh shah shayari 2 lines

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Tujhe teri yaadon ko bhula rahein hain hum || sad but true shayari

Aajkal ek naya nasha kar rahe hain hum
Tere khato ko jalakar dhua dhua kar rahe hain hum
Aaj aakhri baar palkein bhiga rahe hain hum
Kal se tujhe teri yaad sabko bhula rahe hain hum 💔

आज कल एक नया नशा कर रहे है हम
तेरे खतो को जलाकर धुआं धुआं कर रहे है हम
आज आखरी बार पलके भीगा रहे है हम
कल से तुझे तेरी याद सबको भुला रहे है हम💔

Title: Tujhe teri yaadon ko bhula rahein hain hum || sad but true shayari


ऊँट की गर्दन || akbar story

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: ऊँट की गर्दन || akbar story