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SABAR REH GYA

Vehnde naina de paniyaan de raawan vich dil ohda pathar ban beh gya oh dil kad pighalna mere naina da bas sabar reh gya

Vehnde naina de paniyaan de raawan vich
dil ohda pathar ban beh gya
oh dil kad pighalna
mere naina da bas sabar reh gya


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Bachpan Beet Gaya – Hindi Kavita on Life || zindagi Bachpan poetry

बचपन ब़ीत गया लडकपन मे,
ज़वानी बीत रहीं घर बनानें मे,
ज़ंगल सी हो गयी हैं जिन्दगी,
हर कोईं दौड रहा आन्धी के गुबार मे।
 
हर रोज़ नईं भोर होती,
पर नही ब़दलता जिन्दगी का ताना ब़ाना,
सब कर रहें है अपनीं मनमानी,
लेक़िन जी नही रहें अपनी जिन्दगानी।
 
कोईं पास बुलाये तो डर लग़ता हैं,
कैंसी हो गईं हैं यह दुनियां बेईंमानी,
सफ़र चल रहा हैं जिन्दा हू कि पता नही,
रोज लड रहा हू चन्द सासे ज़ीने के लिये।               

मिल नही रहा हैं कोई ठिकाना,
जहा दो पल सर टिक़ाऊ,
ऐसें सो जाऊ की सपनो में ख़ो जाऊ,
बचपन की गलियो में खो जाऊ।
 
वो बेंर मीठें तोड लाऊ,
सूख़ गया जो तालाब उसमे फ़िर से तैंर आऊ,
मां की लोरीं फिर से सुन आऊ,
भूल जाऊ जिन्दगी का यें ताना बाना।
 
देर सवेंर फ़िर से भोर हो गईं,
रातो की नीद फ़िर से उड गईं,
देख़ा था जो सपना वो छम सें चूर हो ग़या,
जिन्दगी का सफ़र फिर से शुरू हों गया।               

आंखो का पानी सूख़ गया,
चेहरें का नूर कही उड सा गया,
अब जिन्दगी से एक़ ही तमन्ना,
सो जाऊ फ़िर से उन सपनो की दुनियां मे।

Title: Bachpan Beet Gaya – Hindi Kavita on Life || zindagi Bachpan poetry


मेरे आंसुओ का मुकाबला || hindi shayari dard

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

तुझे पाने की चाहत में, हम सब कुछ खोते चले गए,

मगर फिर भी ऐ मेरे हमनशी, तुम दुर होते चले गए,

अब इससे ज्यादा मेरे हाल को बेहाल क्या करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मिल गया था मैं तुझे बिन मांगे, तुम कदर भी मेरी क्या करते ,

तुम रूठते हम मना लेते, मगर बदल ही गए हम क्या करते,

मैं लेटू नींद ना आये मुझे,  तु भी रात को तारे गिना करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मैने खूद को ना ऐसे चाहा कभी,  जैसे तुझको चाहते चले गए,

मैने देखा खुद को खोते हुए, बस तेरे होते चले गए,

मैंं इतना दूर चला जाऊं, तु घूट घूट आंहे भरा करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

मैने खुदा से ऐसे मांगा उसे, मैं जीता,  किस्मत हार गई,

यह “रमन” की महोब्बत की कविता थी, कोई जिस्मो का व्यापार नहीं,

तेरे पीछे खुद को फ़ना कर दू, मेरे गीत भी दुनिया गाया करेगी,

मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,

मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।

Rami_

Title: मेरे आंसुओ का मुकाबला || hindi shayari dard