Jinhe pahuchana tha paigam aman ka is jaha me
Wo hindu aur muslim ke maslo me uljhe hue hai
जिन्हें पहुंचाना था पैगाम अमन का इस जहान में
वो हिन्दू और मुस्लिन के मसलों में उलझे हुए हैं
Jinhe pahuchana tha paigam aman ka is jaha me
Wo hindu aur muslim ke maslo me uljhe hue hai
जिन्हें पहुंचाना था पैगाम अमन का इस जहान में
वो हिन्दू और मुस्लिन के मसलों में उलझे हुए हैं
खत्म कर चुका खुद को अंदर से
बस बाहर से जालना बाकी है
भीड़ लगी है मजार पर गैरो की ,
बस अपनों का आना बाकी है
जीते जी सबको हसाया बहोत है ,
बस जाते – जाते सबको रुलाया बाकी है ।
याद करके उसे ,रोये बहोत है
जाते जाते उसे रुलाना बाकी है
खवाब देखे थे साथ के उसके कुछ
जाते हुये उन्हे दफनाना बाकी है ।
यू ना रुखसत करो विरानियत से
अभी मेरी अर्थी को सजाना बाकी है ,
यू तो गुजरा हु बहोत बार अंधेरों से
बीएस आखिरी दफा दिल्ल को जलाना बाकी है ।
ਚਾਹ ਦੇ ਆਖਰੀ ਘੁੱਟ🙈 ਵਰਗੀਆਂ ਨੇ ਯਾਦਾਂ ਉੁਸਦੀਆਂ, 😻ਨਾ ਤਾਂ ਖਤਮ ਕਰਨਾ ਚੰਗਾ 🙃ਲੱਗਦਾ ਤੇ ਨਾ ਹੀ ਛੱਡਣਾ..💔💔
Cha de akhri ghut🙈 wargiya ne yada usdiyan, 😻 na ta khatm karna chnga🙃 lg da te na hi chdna..💔💔