Jinhe pahuchana tha paigam aman ka is jaha me
Wo hindu aur muslim ke maslo me uljhe hue hai
जिन्हें पहुंचाना था पैगाम अमन का इस जहान में
वो हिन्दू और मुस्लिन के मसलों में उलझे हुए हैं
Enjoy Every Movement of life!
Jinhe pahuchana tha paigam aman ka is jaha me
Wo hindu aur muslim ke maslo me uljhe hue hai
जिन्हें पहुंचाना था पैगाम अमन का इस जहान में
वो हिन्दू और मुस्लिन के मसलों में उलझे हुए हैं
Dhadkan meri bechen rehti hai aajkal
kyuki tere begair yeh dhadakti kam aur tadapti yada hai
धड़कने मेरी बेचैन रहती है आजकल,
क्यूंकि तेरे बगैर ये धड़कती कम और तड़पती ज्यादा है.
दर्द तेरा ही दिया है ,तुझसे क्या गिला करें
हमने तो प्यार ही किया था , तुमने भले ही सौदा किया हो