Jinhe pahuchana tha paigam aman ka is jaha me
Wo hindu aur muslim ke maslo me uljhe hue hai
जिन्हें पहुंचाना था पैगाम अमन का इस जहान में
वो हिन्दू और मुस्लिन के मसलों में उलझे हुए हैं
Jinhe pahuchana tha paigam aman ka is jaha me
Wo hindu aur muslim ke maslo me uljhe hue hai
जिन्हें पहुंचाना था पैगाम अमन का इस जहान में
वो हिन्दू और मुस्लिन के मसलों में उलझे हुए हैं
मेरी ज़िन्दगी के जो पल तूने छीने है
याद रखना तुझको भी वही जीने है।।
लेना देना रस्मे नाते ये चलेंगे जीवनभर
पर तेरे लिए प्यार ना बचा अब रत्तीभर।।
अपने हर पल को जीया मेरे से पहले तूने
बारी मेरी आयी तो दिया प्यार का जहर तूने।।
समझ मुझे अब आने लगा है खेल तेरा
जरूरत को तूने अपनी बताया प्यार मेरा।।
मेरी मासूमियत का ये जो फायदा उठाया है
भोली सी ‘गुड़िया’ को प्यार में जलाया है।।
सच्चा प्यार था तेरा तो बचा अब कुछ क्यो नही
एक दिल की आह को दिल से लगाया क्यो नही।।
दिल मेरा आज जो ये रोता है ना
सब्र का एक घुट रोज पीता है ना।।
बदल जाएगी अब ये जिंदगी भी मेरी
जहां अब जगह ना होगी इसमे तेरी।।।
Never trust those who run after their minds and change from time to time, their heart will be with you today, and tommorow will be someone else trust only on waheguru not in selfish relationship ❤️