
Sahiba di bi ajj sun k ru roo gyi
Mirza te aaj vi jinde ne bss
Sahiba hi kho gyii.

kdon diyyaan vichhaiyaan
aakhan uhde raah vich, lahoo naal main dho k
uhne taan vapis aunaa ni
kamle #gagan ne mar jana eve ro ro k
ਕਦੋਂ ਦੀਆਂ ਵਿਛਾਈਆਂ
ਅੱਖਾਂ ਉਹਦੇ ਰਾਹ ਵਿੱਚ ਮੈਂ, ਲਹੂ ਨਾਲ ਧੋ ਕੇ
ਉਹਨੇ ਤਾਂ ਵਾਪਸ ਆਉਣਾ ਨੀ
ਕਮਲੇ #ਗਗਨ ਨੇ ਮਰ ਜਾਣਾ ਐਂਵੇ ਰੋ ਰੋ ਕੇ
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं