
Sahiba di bi ajj sun k ru roo gyi
Mirza te aaj vi jinde ne bss
Sahiba hi kho gyii.

वो बाहों में मुझे लेके,,,
शादी किसी और से रचाना चाहता है,,,
वो हम बिस्तर तो होता है,,,
हमसफर किसी और को बनाना चाहता है,,,
वो वक्त काटता मेरे साथ है,,,
वक्त बिताना किसी और के साथ चाहता है,,,
वो मुस्कुराता मेरे साथ है,,,
वो मुस्कान किसी और का बनना चाहता है,,,
वो हाथ थामे तो मेरा चलता है,,,
वो जिंदगी का सफर किसी और के साथ चलना चाहता है,,,
वो बाहों में मुझे लेके,,,
शादी किसी और से रचाना चाहता है….।।
tere khyaal v akhbaar warge ne
ik din v shutti nai karde
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ਇੱਕ ਦਿਨ ਵੀ ਛੁੱਟੀ ਨਈ ਕਰਦੇ ❤️