Aakhiya De kolo Sada Reh sajna, Assi Lakh War Tak Ke Vi Nahi Rajna,
Mukhra Na Mori Sada Zor Koi Na, Kade Chaad Ke Na Javi Sada Hor Koi Na.
Aakhiya De kolo Sada Reh sajna, Assi Lakh War Tak Ke Vi Nahi Rajna,
Mukhra Na Mori Sada Zor Koi Na, Kade Chaad Ke Na Javi Sada Hor Koi Na.
आज दीदार ना हुआ उनका एक बार भी, नाराज से लगते हैं..
सुनाई देती है जैसे ही दस्तक कोई, बार- बार दरवाजे पे भगते हैं..
हर बार कोई और होता है, ख्वाब टूट जाता है, नींद से जगते हैं..
अरे कोई तो खबर करदो उन्हें, इंतजार में हैं, वो अपने से लगते हैं..❤️
तुझे देखने की ख्वाहिश ले के घर से तो निकल पड़ता हूँ…
यही सोच के कि तू आज मिलेगी जरूर…
पर इस दिल को क्या पता है… कि तू उसे भूल चुकी हैं…
यूँ तो तेरा हर बार का मुस्कुराना इन
हवाओं और फिज़ाओ में बसा हैं…
ये हवा जब भी तुझे छूकर गुजरती है…
ना चाहते हुए भी तू याद आ ही जाती है।