संभालता नहीं है दिल के,
तुम इंतज़ार बहुत बहुत करवाते हो,
बस चंद धड़कने संभाल रखी है,
बस तेरे इक दीदार की खातिर...
Enjoy Every Movement of life!
संभालता नहीं है दिल के,
तुम इंतज़ार बहुत बहुत करवाते हो,
बस चंद धड़कने संभाल रखी है,
बस तेरे इक दीदार की खातिर...
अगर जहर है जिंदगी,
पीना तो पड़ता हैं,
ना जाने कितनी बार,
गिरकर संभलना पड़ता।
किसी मीठी सी हवा ने जैसे, मेरे मन को छुआ है..
क्या कोई बीमार है ये? या किसी खास की दुआ है..
दिल बेचैन आजकल ना जाने किन ख्यालों में रहता है..?
समझ नहीं आ रहा आख़िर के, मेरे दिल को क्या हुआ है..?