संभालता नहीं है दिल के,
तुम इंतज़ार बहुत बहुत करवाते हो,
बस चंद धड़कने संभाल रखी है,
बस तेरे इक दीदार की खातिर...
संभालता नहीं है दिल के,
तुम इंतज़ार बहुत बहुत करवाते हो,
बस चंद धड़कने संभाल रखी है,
बस तेरे इक दीदार की खातिर...
दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के
वीराँ है मैकदा ख़ुम-ओ-साग़र उदास है
तुम क्या गये के रूठ गये दिन बहार के
इक फ़ुर्सत-ए-गुनाह मिली वो भी चार दिन
देखे हैं हमने हौसले परवर-दिगार के
दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
तुझ से भी दिल फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के
भूले से मुस्कुरा तो दिये थे वो आज ‘फ़ैज़’
मत पूछ वलवले दिलए-ना-कर्दाकार के
Chaa de akhri ghutt🙈 vargiya ne yaada usdiyan,
😻na taan khatam karna changa🙃lagda te na hi chaddna..
ਚਾਹ ਦੇ ਆਖਰੀ ਘੁੱਟ🙈 ਵਰਗੀਆਂ ਨੇ ਯਾਦਾਂ ਉੁਸਦੀਆਂ,
😻ਨਾ ਤਾਂ ਖਤਮ ਕਰਨਾ ਚੰਗਾ 🙃ਲੱਗਦਾ ਤੇ ਨਾ ਹੀ ਛੱਡਣਾ..