
baapu di pagg mitti ch rulai ni
pagg ban sir te kade ghedi v lai ni
kalli jandi dekh kudhi kade bulai ni
kise de mooho khoh aap khaani
saani bebe ne sikhai ni

Je oh puchh lawe mainu
kis gal da gam hai
taan kis gal da gam hai mainu
je oh eh puchh lawe
ਜੇ ਉਹ ਪੁੱਛ ਲਵੇ ਮੈਨੂੰ
ਕਿਸ ਗੱਲ ਦਾ ਗਮ ਹੈ
ਤਾਂ ਕਿਸ ਗੱਲ ਦਾ ਗਮ ਮੈਨੂੰ
ਜੇ ਉਹ ਇਹ ਪੁੱਛ ਲਵੇ
दोस्त वो है जो थाम के रखता है हाथ
परवाह नहीं उसको कौन है तुम्हारे साथ
उसकी आखों में चमक दिखती है
जब होता है तुम्हारे साथ
गुजर जाता है वक़्त मिनटों में
जब करते हैं उससे बात
दोस्त वो हैं जो सामने आ जाये गर
खुद बयाँ हो जाते हैं दिल के हालत
कुछ सोचना नहीं पड़ता
जब होती है उससे बात
दोस्त वो है जो बिन कहे समझ लेता है हर बात
बस हम छिपा नहीं सकते उससे कोई भी राज
कर देता है हैरान तब और भी
जब मरहलों में बन जाता है ढाल
अपने सारे दर्द ग़म भुला कर
साथ हँसता है सारी रात
उसे कुछ भी नहीं चाहिए तुमसे बस
कुछ पल तुम्हारे साथ का है वह मोहताज़
दोस्त वो है जिससे दोस्ती निभानी नहीं पड़ती
जिसे कोई भी बात समझानी नहीं पड़ती
रूठ भी जाए तो भी नहीं करता नज़रन्दाज़
इसलिए ये रिश्ता होता है हर रिश्ते से ख़ास
कभी वो माँ की तरह समझाता है
तो कभी पिता की तरह डांटता है
कभी- कभी बहन बन कर सताता है
तो कभी भाई की तरह रुलाता है
कभी एक आफ़ताब बन होंसला बढ़ाता है
हमें ग़म और खुशियों से परे ले जाता है
जिसके पास है ऐसा दोस्त
वही मुकम्मल है इस जहाँ में
वही है हयात का सरताज