Unki galiyon mein se guzre to pta chala…
Unke paon to kabi zameen par lge hi nhi
Jinhone sath chalne ki kasmein khayi thi..!!
उनकी गलीयों में से गुज़रे तो पता चला
उनके पांव तो कभी ज़मीन पर लगे ही नहीं
जिन्होंने साथ चलने की कसमें खाई थी..!!
Unki galiyon mein se guzre to pta chala…
Unke paon to kabi zameen par lge hi nhi
Jinhone sath chalne ki kasmein khayi thi..!!
उनकी गलीयों में से गुज़रे तो पता चला
उनके पांव तो कभी ज़मीन पर लगे ही नहीं
जिन्होंने साथ चलने की कसमें खाई थी..!!
Log kehte hain,
Aasmaan mein bhi surakh ho sakta hai,
Bas tabiyat se pathar uchalne ki deri hai..
Himmat na ki pathar uthane ki,
Mano na mano ye galti teri hai..
Raste bhi sazish kar rahe hain,
Waqt ke sath milkar…
Tu phir bhi waqt ke sath na chale,
To ab bhi galti teri hai..
लोग कहते हैं,
आसमान में भी सुराख़ हो सकता है,
बस तबियत से पत्थर उछालने की देरी है…
हिम्मत ना की पत्थर उठाने की,
मानो ना मानो ये गलती तेरी है…
रास्ते भी शाज़िश कर रहे है,
वक्त के साथ मिलकर…
तू फिर भी वक्त के साथ ना चले,
तो अब भी गलती तेरी है….
हर दिन वही सूरज निकलता है,
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp