Unki galiyon mein se guzre to pta chala…
Unke paon to kabi zameen par lge hi nhi
Jinhone sath chalne ki kasmein khayi thi..!!
उनकी गलीयों में से गुज़रे तो पता चला
उनके पांव तो कभी ज़मीन पर लगे ही नहीं
जिन्होंने साथ चलने की कसमें खाई थी..!!
Unki galiyon mein se guzre to pta chala…
Unke paon to kabi zameen par lge hi nhi
Jinhone sath chalne ki kasmein khayi thi..!!
उनकी गलीयों में से गुज़रे तो पता चला
उनके पांव तो कभी ज़मीन पर लगे ही नहीं
जिन्होंने साथ चलने की कसमें खाई थी..!!

कहते थे साथ ना छोड़ेंगे हम,
आज वो रिश्ते यूँ रुसवा हो गए |
मेरी होंठो पे हंसी देखेंगे हर दम,
कहने वाले आज बेगाने हो गए|
आँखों में खुशियों की चमक देने वाले,
आज उदासी का आलम दे गए |
छोटी – सी बात का तल्ख क्यूँ इतना,
प्यार के वादे का हर जुमला झूठे हो गए |
इश्क में जला करते थे जो दिन – रात,
अब वो परवाने नफ़रत में जल गए |
हो जाती सुलह माफ़ी दिल में रखने से,
वो तो अपनी जिद के पैमाने हो गए|
हार में ही होती है, मुहब्बत की जीत
जीतने की जुस्तजू में वो जुदा हो गए |
दिल धड़कता था जिसके लिए हर पल,
वो दिल अब खौफजदा हो गए|
पहुंच जाते थे मेरी खामोशी में जो मुझ तक,
वही आज लफ्जों में अलविदा कह गए||