Unki galiyon mein se guzre to pta chala…
Unke paon to kabi zameen par lge hi nhi
Jinhone sath chalne ki kasmein khayi thi..!!
उनकी गलीयों में से गुज़रे तो पता चला
उनके पांव तो कभी ज़मीन पर लगे ही नहीं
जिन्होंने साथ चलने की कसमें खाई थी..!!
Unki galiyon mein se guzre to pta chala…
Unke paon to kabi zameen par lge hi nhi
Jinhone sath chalne ki kasmein khayi thi..!!
उनकी गलीयों में से गुज़रे तो पता चला
उनके पांव तो कभी ज़मीन पर लगे ही नहीं
जिन्होंने साथ चलने की कसमें खाई थी..!!
उसके चेहरे में कई राज छुपे हैं, घबराती है बताने से..
कभी बेखौफ करे इजहार कभी, डरे जज्बात जताने से..
कभी आँखों से हटने नहीं देती, कभी फ़र्क नी पड़ता जाने से..
कभी मारने पर हंस पडती है, कभी रोये हाथ लगाने से..
कभी-कभी वो बाज नहीं आती, बेमतलब प्यार लुटाने से..
कभी लगे ना जाने कैसा प्यार है, भर देती दिल वो ताने से..
कभी-कभी वो घबरा जाती है, मुझे अपने पास बुलाने से..
कभी-कभी नहीं थकती वो अपनी, पलकों पे मुझे झूलाने से..
कभी दूर मुझसे है हो जाती, अचानक किसी के आने से..
कभी लड़ पड़ती मेरा हाथ पकड़ कर, मेरे लिए वो भरे जमाने से..
कभी परेशान हो जाता उसके, बेमतलब के शर्माने से..
कभी मुश्किल में फंस जाता हूं, परदा भी उसे कराने से..
अब तो मुझे भी डर है उसके, अचानक ही मुस्कुराने से..
क्या सबकी जिंदगी में है कोई ऐसा, या मेरी ही अलग है जमाने से..