सेहमी हुई सी आंखें उनकी, जैसा कुछ कहना चाहती हैं..
बिना बोले भी जुबान उनकी, जैसी बहुत कुछ बताती है..
जब तक उनके चेहरे पर आई वो बात पढ़ने की कोशिश करता हूं..
ना जाने क्या हो जाता है उसे, नजरें फेर कर चली जाती है..
Enjoy Every Movement of life!
सेहमी हुई सी आंखें उनकी, जैसा कुछ कहना चाहती हैं..
बिना बोले भी जुबान उनकी, जैसी बहुत कुछ बताती है..
जब तक उनके चेहरे पर आई वो बात पढ़ने की कोशिश करता हूं..
ना जाने क्या हो जाता है उसे, नजरें फेर कर चली जाती है..
Ik sohna jeha raah hove
Chan vargi raat hove
Tere hath vich mera hath hove
Tera mera chehra khushi naal bhareya hove
Te raah kade mukda he na hove!
इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂