सेहमी हुई सी आंखें उनकी, जैसा कुछ कहना चाहती हैं..
बिना बोले भी जुबान उनकी, जैसी बहुत कुछ बताती है..
जब तक उनके चेहरे पर आई वो बात पढ़ने की कोशिश करता हूं..
ना जाने क्या हो जाता है उसे, नजरें फेर कर चली जाती है..
सेहमी हुई सी आंखें उनकी, जैसा कुछ कहना चाहती हैं..
बिना बोले भी जुबान उनकी, जैसी बहुत कुछ बताती है..
जब तक उनके चेहरे पर आई वो बात पढ़ने की कोशिश करता हूं..
ना जाने क्या हो जाता है उसे, नजरें फेर कर चली जाती है..
कांटों से लिपट कर हम सो गए ,
वो फूलों पर करवट बदलते रहे,
वो सोए रहे सुकून से मखमली बिस्तर पर
और हम चिराग की तरह जलते रहे,,
अरे वो तो कब का छोड़ चुके थे मेरा साथ बीच रस्ते में,
और एक हम थे कि वो मेरे साथ है ये सोच कर बस चलते रहे,,
मैं तो हर मोड़ पर साथ था उनके, बचाता रहा उन्हें हर ठोकरों से,
और एक वो है जो मुझे ठोकर मारा कर चले गए, और हम खुद ही गिरते रहे संभलते रहे,,
फिर भी मुझे कोई गिला नहीं, कोई शिकवा नहीं,
हो जाए अगर मुकम्मल इश्क तो फिर वो इश्क ही क्या, ओर इश्क का मजा ही क्या,
यारो इश्क का मजा तो तब है जब दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे, दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे।।
नितीश कुमार ✍️
Asaa ne tenu do dina cha apna dill ditta c pr Tu do galla kr k sahnu paraya kr ta c
Asee hamesha dillo laaiya pr loki dimag toh laa jandey ny….