सेहमी हुई सी आंखें उनकी, जैसा कुछ कहना चाहती हैं..
बिना बोले भी जुबान उनकी, जैसी बहुत कुछ बताती है..
जब तक उनके चेहरे पर आई वो बात पढ़ने की कोशिश करता हूं..
ना जाने क्या हो जाता है उसे, नजरें फेर कर चली जाती है..
Enjoy Every Movement of life!
सेहमी हुई सी आंखें उनकी, जैसा कुछ कहना चाहती हैं..
बिना बोले भी जुबान उनकी, जैसी बहुत कुछ बताती है..
जब तक उनके चेहरे पर आई वो बात पढ़ने की कोशिश करता हूं..
ना जाने क्या हो जाता है उसे, नजरें फेर कर चली जाती है..
सरगोशियां हवाओ की सुनी जो कानो ने।
गुफ्तगू तेरी सुनी थी खामोश अफसानो ने।
मुस्कराना तेरा तो,एक दिलनशीं अदा थी।
ज़रा सुन भी लेते कहा क्या है ,दीवानो ने।
वो लचक जाना ,तेरी कमर का चलते चलते।
खुली लूट मची थी मनचलों के ख़जानो मे..
