Sham toh abhi bhi roj hoti hai, kafir
Baat yeh hai ke ab wo laut kar ghar nahi aate शाम तो अभी भी रोज़ होती है, काफ़िर,
बात ये है कि अब वो लौट कर घर नहीं आते...
Enjoy Every Movement of life!
Sham toh abhi bhi roj hoti hai, kafir
Baat yeh hai ke ab wo laut kar ghar nahi aate शाम तो अभी भी रोज़ होती है, काफ़िर,
बात ये है कि अब वो लौट कर घर नहीं आते...
तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
Full gulab da aa chamali da nhi🌷
Ashiq tera aa teri saheli da nhi😏
ਫੁੱਲ ਗੁਲਾਬ ਦਾ ਆ ਚਮੇਲੀ ਦਾ ਨਹੀਂ🌷
ਆਸ਼ਿਕ ਤੇਰਾ ਆ ਤੇਰੀ ਸਹੇਲੀ ਦਾ ਨਹੀਂ😏