Sham toh abhi bhi roj hoti hai, kafir
Baat yeh hai ke ab wo laut kar ghar nahi aate शाम तो अभी भी रोज़ होती है, काफ़िर,
बात ये है कि अब वो लौट कर घर नहीं आते...
Sham toh abhi bhi roj hoti hai, kafir
Baat yeh hai ke ab wo laut kar ghar nahi aate शाम तो अभी भी रोज़ होती है, काफ़िर,
बात ये है कि अब वो लौट कर घर नहीं आते...
Ek din main puchh baithi rabb nu, Kyun dushman banaya baitha hain pyaar da,
Rabb ne mainu jawab ditta,Tu vi taa rabb banayi baithi hain apne yaar nu.
आज रूठा हुवा इक दोस्त बहुत याद आया
अच्छा गुज़रा हुवा कुछ वक़्त बहुत याद आया.
मेरी आँखों के हर इक अश्क पे रोने वाला
आज जब आँख यह रोई तू बहुत याद आया .
जो मेरे दर्द को सीने में छुपा लेता था
आज जब दर्द हुवा मुझ को बहुत याद आया .
जो मेरी आँख में काजल की तारा रहता था
आज काजल जो लगाया तू बहुत याद आया .
जो मेरे दिल के था क़रीब फ़क़त उस को ही
आज जब दिल ने बुलाया तू बहुत याद आया