Sham toh abhi bhi roj hoti hai, kafir
Baat yeh hai ke ab wo laut kar ghar nahi aate शाम तो अभी भी रोज़ होती है, काफ़िर,
बात ये है कि अब वो लौट कर घर नहीं आते...
Sham toh abhi bhi roj hoti hai, kafir
Baat yeh hai ke ab wo laut kar ghar nahi aate शाम तो अभी भी रोज़ होती है, काफ़िर,
बात ये है कि अब वो लौट कर घर नहीं आते...
तख्त ओ ताज ने तुम्हे गुनहगार किया
आओ मेरे पास दिल के खयाल रख दो,
हश्र बुरा है तुम्हारी रगो के धागों का,
लाओ यहां बेगुनाही का मंजर रख दो...
किसी का पता लेकर निकले हो शायद,
छोड़ो उसकी शक्ल उसे यहां रख दो,
लोग कहते हैं बहुत उम्दा क़ातिल हो तुम
लाओ यहां वो झूठा खंजर भी रख दो...
Aaj jannat mein kuch pal is trah bita kar aaya hu😍
Uski nazron se apni nazrein ek baar mila kar aaya hu🙈
आज जन्नत में कुछ पल इस तरह बिता कर आया हूँ😍
उसकी नज़रों से अपनी नज़रें एक बार मिला कर आया हूँ🙈