Sham toh abhi bhi roj hoti hai, kafir
Baat yeh hai ke ab wo laut kar ghar nahi aate शाम तो अभी भी रोज़ होती है, काफ़िर,
बात ये है कि अब वो लौट कर घर नहीं आते...
Enjoy Every Movement of life!
Sham toh abhi bhi roj hoti hai, kafir
Baat yeh hai ke ab wo laut kar ghar nahi aate शाम तो अभी भी रोज़ होती है, काफ़िर,
बात ये है कि अब वो लौट कर घर नहीं आते...
ज्यादा सोचना ये एक बिमारी है और,
मन की बात कहना उसकी दवाई..
Jyada sochna ye ek bimari hai aur,
Man ki bat kahana uski dawai…
दिखा तेरे दिल में
क्या रहता हूँ मैं
या फिर ये झूठी वादे कसमें हैं
या हम तेरी निगाहों के बस में है
दिल के प्यार का जादू चला है
या तूने रूप से छला है।
अदाओं ने किया है असर
या नजरों का हुआ बसर
बता तेरे भी दिल की खबर
आखिर क्यों हो रहा दुनिया से बेखबर