Jao yaha rehna khush rehna
Khwahish to ibadat si ho gayi hai
Tum se juda hokar tanhayion mein rehna
Meri ab aadat si ho gayi hai…💔
जाओ जहां रहना खुश रहना
ख्वाइश तो इबादत सी हो गई है
तुम से जुदा होकर तन्हाइयो में रहना
मेरी अब आदत सी हो गई है …💔
अब कोई भी शायरी तुझे तड़पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
मौसम की हर बहारों से मांगा था !
मैंने तुझको टूटते तारों से मांगा था |
जुदा होके तू शायद ही जी पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
ख़ैर अब मैं भी तुझे भूल रहा हूं !
गलतियां सारी कबूल रहा हूं |
मेरी तस्वीरें तुझे बड़ा सताती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?