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Mohit Mishra

एक मामूली शायर हूँ जो शब्दों की ताकत समझता है ।

एक मलाल तो है || hindi poetry

माना मुझे अब जरूरत नहीं तेरी , पर जिंदगी में एक मलाल तो है ।

कबूलनामा भी दे चुके महफिलों में पर , लोगों की निगाहों में कुछ सवाल तो है ।।

सपनों सा लगता एक ख्वाब तो है , मेरा हर अंदाज़ लाजवाब तो है ।

चाहता नहीं मेरी कलम से कोई बेइज्जत हो जाए , वरना मेरे पास भी कुछ लोगों का हिसाब तो है ।।

हाँ मोहब्बत भूल थी मेरी , आज बेबाकी से एक गुनाह कुबूल करता हूँ ।

कुछ काले किस्से हैं बीते हुए लम्हें , अब हर किस्से को मशहूर करता हूँ ।।

जिद्दी है मेरा दिल बड़ा , इसे आज मैं ज़रा मजबूर करता हूँ ।

बहुत हो चुकी मोहब्बत में नाफरमानी , सिर आँखों पर अपना गुरूर करता हूँ ।।

Vo jo sakhas tha || hindi shayari on love

किसी को रफ्ता-रफ्ता चाहा था , अब किश्तों में मरते हैं ।
कैसे कहें अपना हाल-ए-दिल , क्या बताएँ कि हम मोहब्बत करते हैं ।।
ईश्क की सौदेबाजी में , नीलाम हो गई चाहते मेरी ।
नफा-नुकसान के फासलों में , उम्मीद की गुंजाइश ढूँढा करते हैं ।।
ख्वाबों के शहर में , चाहत का एक ख्याल आया ।
कई जवाबों के बाद , संगीन एक सवाल आया ।।
रूखसत किया जिसे , जिसकी पसंद से हमने ।
वो जो शख्स था , मेरी कई इबादतों के बाद आया ।।❤️🍂

Izhaar e mohobbat || hindi love shayari

तेरा ईश्क रहता है , मेरे सपनों के शहर में ।
दबी जुबां में मुझसे , एक बात कहता है ।।
मन में बसी है तू , दिल तुझसे मिलने को बेकरार है ।
नाराजगी छोड़ दे ना , तेरा प्यार तो मेरे लहू में बहता है ।।
ख्वाबों की गलियों में , बसी चाहत है सनम ।
फितूरी का खुमार भी , बस तेरा ही नाम कहता है ।।
आँखों में नींद नहीं , सुकून में भी चैन नहीं ।
बस इजहार-ए-मोहब्बत का ख्याल , हर पल मेरे जहन में रहता है ।।

वो मेरा हो जाए || hindi sad shayari

ऐसा क्या लिखूँ कि वो मेरा हो जाए , दिल दुखाने के तरीके का नया इंतजाम हो जाए ।
मोहब्बत जुनून नहीं नशा है मेरा , बचने की हर कोशिश अब नाकाम हो जाए ।।
है दस्तूर कायनात का निभाना तो होगा , दूर है वो मुझसे पास आना तो होगा ।
नफरत की खैरात को मेरे हिस्से आने दो , अपने हर शब्द अमर कर दूँ पर पहले तुम्हें आना तो होगा ।।
कुछ अनकही बातें याद आती रही , सारी रात मेरा दिल दुखाती रही ।
है मेरे मन में क्या सोचा बता दूँ तुम्हें , पर बढ़ते हुए फासले की वजह मुझे सताती रही ।।

जिंदगी भर || zindagi bhar || hindi shayari

अब ना होगा तेरा साथ जिंदगी भर , रहेगा बस यही एक मलाल जिंदगी भर ।
मेरी हसरतें तेरी खुशियों में कहीं गुम हो गई , हम तलाशते रह गए जीने की वजह जिंदगी भर ।।
हाशिए पर है अब मेरे ख्वाबों की हकीकत , ख्याल भी तेरा रहा ताउम्र जिंदगी भर ।
पूछता रहा सवाल कि क्यों खुद से रूठे हैं , असर तेरी मोहब्बत का जख्म बना रहा जिंदगी भर ।।

Mohit Mishra

एक मामूली शायर हूँ जो शब्दों की ताकत समझता है ।