mohobbat shayari

इंतज़ार की आरज़ू || tanhaiyo se mohobbat || hindi shayari intezaar

Intezaar ki aarzu abh kho gai hai
khamoshiyo ki aadat ho gai hai
na shikwa raha na shikayat kisi se
agar hai to ek mohobat
jo in tanhaaiyo se ho gai hai

इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियो की आदत हो गयी है,
न शिकवा रहा न शिकायत किसी से,
अगर है तो एक मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हो गई है। 💘

Pyar wo hai || Mohobat shayari punjabii

प्यार वो है जो जज्बात को समझे,
मोहब्बत वो है जो एहसास को समझे,
मिलते हैं जहाँ में बहुत अपना कहने वाले,
पर अपना वो है जो बिन कहे हर बात समझे। 💘

Pyar wo hai jo jazbat ko samjhe,
Mohabbat vo hai jo ehsaas ko samajhe,
Milate hain jahaan mein bahut apana kahane vaale,
Par apana vo hai jo bin kahe har baat samajhe

inni mohabbat de || sad hindi maut shayari

Maut nu khushi se gale laga lenge aye raba,
bas do char saans di aur mohallat de de,
wo beshak kare nafrat kuchh lamho de waste,
mohabbat da ehsaas rahe bas inni mohabbat de de

Kisi se itni…… || 2 lines so true life shayari Hindi

Kisi se itni #NAFRAT na karo k kabhi
MILNA pade to MIL na sako…

Or 

Kisi se itni #MOHABBAT na karo k kabhi
TANHA jeena pade to JEE naa sako..!!

Pathron ko kahan dard || shayari in hindi || true line

Sab marzo se bura dil ka marz hota hai
or sab karzo se bura mohobat ka karz hota hai
arey tu de le jitne zakham dene
hai mere dil ko
akhir pathro ko kaha dard hota hai


Kash mohabat hi mar jaye… || sad shayari Hindi

Kabi sochta tha mohobat ke bina mar jaana chahiye
abb sochta hu ke kaash mohobat hi mar jaaye

ਕਭੀ ਸੋਚਤਾ ਥਾ ਮੋਹਬਤ ਕੇ ਬਿਨਾ ਮਰ ਜਾਨਾ ਚਾਹੀਏ,
ਅਬ ਸੋਚਤਾ ਹੂੰ ਕਿ ਕਾਸ਼ ਮੋਹਬਤ ਹੀ ਮਰ ਜਾਏ….🤲

#Aman

Me tumahri saadgi || 2 lines hindi love shayari

Me tumahri saadgi ki kyaa misaal du
is saare yahaa me be-misaal ho tum

मैं तुम्हारी सादगी की क्या मिसाल दूँ
इस सारे जहां में बे-मिसाल हो तुम

कर दी किसी ने तेरी भरपाई तो क्या होगा || Hindi poetry || sad mohobbat

चलेगी जब तेरी यादों की पुरवाई तो क्या होगा
पुरानी चोट कोई फिर उभर आई तो क्या होगा,
मुहब्बत ख़ुद ही बन बैठी तमाशाई तो क्या होगा
न हम होंगे, न तुम होंगे, न तनहाई तो क्या होगा,
मुहब्बत की झुलसती धूप और काँटों भरे रस्ते
तुम्हारी याद नंगे पाँव गर आई तो क्या होगा,
ऐ मेरे दिल तू उनके पास जाता है तो जा, लेकिन
तबीअत उनसे मिलकर और घबराई तो क्या होगा,
लबों पर हमने नक़ली मुस्कराहट ओढ़ तो ली है
किसी ने पढ़ ली चेह्रे से जो सच्चाई तो क्या होगा,
सुना तो दूँ मुहब्बत की कहानी मैं तुम्हें लेकिन
तुम्हारी आँख भी ऐ दोस्त भर आई तो क्या होगा,
ख़ुदा के वास्ते अब तो परखना छोड़ दे मुझको
अगर कर दी किसी ने तेरी भरपाई तो क्या होगा..