Skip to content

Hindi Shayari

All times best Hindi shayari and Hindi Quotes will be displayed on this page.

We post daily new sad, love hindi shayari and status on this page. We have large collection of romantic and 2 lines hindi shayari. All the shayaris are displayed on one page so that you can share on facebook and whatsapp with one click.

Ek meri gali || hindi love shayari

मेरी एक गली,उसकी गली से जुड़ी है

मेरे पाव नहीं मुड़े, यही सड़क मुड़ी है

मैं मुस्कुराकर,बोल पड़ा इन दोस्तों से 

देखो मेरी ज़न्नत, खिड़की पर खड़ी है

उतने ऊपर, मेरा खुदा भी नहीं दोस्त

उनकी कलाई पे जितनी,चूड़ी चड़ी है

मेरे पूरे हुज़रे पर, साया करती है वो

शहर में उनकी बिल्डिंग इतनी बड़ी है

kisi ne asha kisi ne bura bataya || hindi kavita

किसी ने अच्छा,किसी ने बुरा बताया है

मेरे बारे जिसने जो सुना,वही सुनाया है

हम दोनो के दिन पर,टंगी है एक तख्ती

उसने सावधान, हमने खतरा लगाया है

हम जब जब बढ़े हैं,तो गिराया है उसने

वो जब जब गिरा, हमने हाथ बढ़ाया है

भैरव,मेरा कोहिनूर,ये पूछ रहा है हमसे

अरे क्यूं नाम के आगे,फ़कीर लगाया है

Ajh raat bhar raat ka || dard shayari

मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं

आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं

आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ

तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं

ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना

अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं

Me haqeeqat likhu

मैं हकीकत लिखूं या फसाना लिखूं, 

उसको ना देखने का बहाना लिखूं,

बेतहाशा अगर है मोहब्बत उसे ,

नाम उसके मैं एक जिंदगानी लिखूं।

🙈❤️😘

Teri aankho me yeh aaj sharat nai hai

तेरी आंखों में ये आज शरारत नई है

 बदन में मेरे उठी ये हरारत नई है

 क्या ये सब मेरे इश्क़ का असर है

 या तेरे दिल में ये पल रही चाहत नई है

 ये तेरे मस्कारे ये तेरा जुल्फे संवारना

 लगता आज किसी पे क़यामत नई है

 तेरे बेवफा इशारे खूब समझता हूं

 लगता आज मेरे दिल पे शामत नई है

Gira toh fir bhi || hindi shayari and kavita

गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला

बंदों का हुज़ूम था,खुदा ना मिला

ज़िस्म ना मिले,तो क्या हुआ यार

वो दिल से कभी, जुदा ना मिला

परिंदों के जैसा था, इश्क़ उसका

कोई वादा, कोई वास्ता ना मिला

ऐसे हुआ दिल पर,कब्ज़ा उसका

धड़कनों को भी, रास्ता ना मिला

उसके शाहपरस्त भी हैं,बादशाह

कोई भी पत्थर,तरास्ता ना मिला

Mohobat me nakaam || hindi shayari sad

सीने के बल चल कर आया था मैं 

फिर मोहब्बत में नाकाम हुआ

वफा तो दोनो तरफ से थी….

फिर हमारा ही क्यू बुरा अंजाम हुआ

कलम तू कैसे लिख लेता है मेरे दर्द को

सलमान….तेरा दर्द लिखकर ही तो मेरा नाम हुआ

ऐन मुमकिन है दिल की मरम्मत हो जाए

मगर वक्त से पहले ही बंद बाजार हुआ

हमसे दोस्ती _तुम्हे मायूस कर देगी

अब तो खुद में ही मैं खाक हुआ

देख इंतजार में है लोग तेरी दास्तान सुनने के लिए

जा कर कह दो लोगो से…….दर्द से उनका इंतकाल हुआ