
chehre te taajgi
dil saada thaghdi aa
paundi tu simple jehe soott
bulaa ton rehndi tu mute
soh rabb di tu sohni bedhi
laghdi aa


Bnaa bnaa tasveeran main teriyaan
kitab ch lukowaan
raatan nu kadh, dil nu dikhawaan
te ikalla beh k rowan
वो आसमन मै फैला उजाला है,
या मेरे घुस्से पर लगा ताला|
वो पहाडो की चोटी पर सुरज की किरण है,
या जिंदगी सही जिने का आचरण|
वो ना हो तो वर्णमाला अधुरी है,
वो जो सबसे ज्यादा जरुरी है|
डाटता हु तो चुप हो जाती है,
फिर मेरी गोद मै आ कर सिसककर रोती है|
वो मुझसे मेहेंगे तौफे या खिलोने नही चाहती,
वो तो बस कुछ वक्त मेरे साथ बिताना चाहती है|
लोग केहते है बेटिया तो पराया धन होती है,
पर एक बाप से पूछो वो उसके जिनेका मकसद होती है|
बेटीया तो सिर्फ बेटीया होती है|