
chehre te taajgi
dil saada thaghdi aa
paundi tu simple jehe soott
bulaa ton rehndi tu mute
soh rabb di tu sohni bedhi
laghdi aa

वो आसमन मै फैला उजाला है,
या मेरे घुस्से पर लगा ताला|
वो पहाडो की चोटी पर सुरज की किरण है,
या जिंदगी सही जिने का आचरण|
वो ना हो तो वर्णमाला अधुरी है,
वो जो सबसे ज्यादा जरुरी है|
डाटता हु तो चुप हो जाती है,
फिर मेरी गोद मै आ कर सिसककर रोती है|
वो मुझसे मेहेंगे तौफे या खिलोने नही चाहती,
वो तो बस कुछ वक्त मेरे साथ बिताना चाहती है|
लोग केहते है बेटिया तो पराया धन होती है,
पर एक बाप से पूछो वो उसके जिनेका मकसद होती है|
बेटीया तो सिर्फ बेटीया होती है|
saath chhodane vaalo ko to bas.. aik bahaana chaahie,
varana nibhaane vaale to maut ke daravaajhe tak saath nahee chhodate..
साथ छोडने वालो को तो बस.. ऐक बहाना चाहिए,
वरना निभाने वाले तो मौत के दरवाझे तक साथ नही छोडते..