ik sohna chehra chand vaag naal rehnda si
paun lai usnu, sadaa hanere vich me rehnda si
ਇੱਕ ਸੋਹਣਾ ਚੇਹਰਾ ਚੰਦ ਵਾਗ ਨਾਲ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ,
ਪਾਉਣ ਲਈ ਉਸਨੂੰ ਸਦਾ ਹਨੇਰੇ ਵਿੱਚ ਮੈ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ।
..ਕੁਲਵਿੰਦਰਔਲਖ
ik sohna chehra chand vaag naal rehnda si
paun lai usnu, sadaa hanere vich me rehnda si
ਇੱਕ ਸੋਹਣਾ ਚੇਹਰਾ ਚੰਦ ਵਾਗ ਨਾਲ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ,
ਪਾਉਣ ਲਈ ਉਸਨੂੰ ਸਦਾ ਹਨੇਰੇ ਵਿੱਚ ਮੈ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ।
..ਕੁਲਵਿੰਦਰਔਲਖ
आजकल तुम्हारे बिना मुझे
कुछ भी अच्छा नहीं लगता है
जिधर भी देखु एकलौता मुझे
तुम्हारा ही चेहरा नजर आता है।
तू न दुनिया सी बन गयी हो मेरी ,
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम दुनिया की तरह न हो जाना।
ठहरी हुयी सी मेरी
एक शाम हो गए हो तुम
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम कहि ढल मत जाना
क्योकि तुमसे आगे मैंने
देखना अब छोड़ दिया है
तुम तक ही है मेरा अब जो भी है
बिन तुम्हारे भी चलना
मैंने अब छोड़ दिया है
तरुण चौधरी